कश्मीरी पंडित भी उतने ही कश्मीरी हैं जितने अब्दुल्ला और मुफ्ती, फारूक पर जमकर बरसी बीजेपी

बीजेपी महासचिव तरुण चुग ने कहा, "अगर अब्दुल्ला और मुफ्ती ने आतंकियों को आश्रय नहीं दिया होता और पाकिस्तान के ISI एजेंटों को प्रोत्साहित नहीं किया होता, तो कश्मीरी पंडित कश्मीर से नहीं भागे होते." 

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तरुण चुग (फाइल फोटो) तरुण चुग (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • श्रीनगर,
  • 16 मई 2022,
  • अपडेटेड 5:08 AM IST
  • बीजेपी का अब्दुल्ला और मुफ्ती पर निशाना
  • 'कश्मीरी पंडित भी उतने कश्मीरी, जितने फारूक और मुफ्ती'

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी तरुण चुग ने रविवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में हिंदुओं को नष्ट करने के बाद अब फारूक अब्दुल्ला दोहरी राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं. 

एजेंसी के मुताबिक, तरुण चुग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि अब्दुल्ला परिवार ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित परिवारों को तबाह करने की साजिश रची. बीजेपी नेता ने अब्दुल्ला को उनके घड़ियालू आंसू के लिए भी उपहास किया. 

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चुग का फारूक पर हमला

चुग ने कहा, "हमारे पंडित भाइयों पर हमला कश्मीर की आत्मा पर सीधा हमला है, यह कहकर अब्दुल्ला उन लाखों कश्मीरी पंडितों की आत्मा पर नमक छिड़क रहे हैं, जिन्हें जम्मू-कश्मीर छोड़ना पड़ा और जब अब्दुल्ला ने राज्य पर शासन किया तो अपनी जान तक देनी पड़ी." 

कश्मीरी पंडितों का पलायन काला अध्याय: चुग

बीजेपी महासचिव ने आगे कहा, "अगर अब्दुल्ला और मुफ्ती ने आतंकवादियों को आश्रय नहीं दिया होता और पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों को प्रोत्साहित नहीं किया होता, तो कश्मीरी पंडित कश्मीर से नहीं भागे होते." उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित भी उतने ही कश्मीरी हैं जितने अब्दुल्ला और मुफ्ती. चुग ने कहा, "लेकिन जिस तरह से कश्मीरी पंडितों को जम्मू-कश्मीर से बाहर निकाला गया, वह भारत के इतिहास में हमेशा एक काला अध्याय रहेगा और इसके लिए अब्दुल्ला और मुफ्ती को देश से माफी मांगनी चाहिए."

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फारूक ने बताया था कश्मीर की आत्मा पर हमला
बता दें कि हाल ही में जम्मू कश्मीर के बडगाम में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद घाटी में कश्मीरी पंडितों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. वहीं फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों पर हमला कश्मीर की आत्मा पर सीधा अटैक बताया था. उन्होंने कहा था कि मैं ऐसे समय की कल्पना कर रहा हूं जब कश्मीरी मुसलमान और कश्मीरी पंडित दोनों साथ-साथ रहें. हालांकि मौजूदा सरकार केवल दिखावे तक ही सीमित है. जमीन पर कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित और स्थायी वापसी के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं.
 

 

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