मिड-डे मील में खीर खाते ही बिगड़ी तबीयत... कुल्लू में 40 बच्चे अस्पताल में भर्ती

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पतलीकूहल क्षेत्र के बाड़ी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील के तहत परोसी गई खीर खाने के बाद लगभग 30 से 40 बच्चे बीमार पड़ गए. बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई.

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कुल्लू के पतलीकूहल क्षेत्र में बिगड़ी बच्चों की हालत कुल्लू के पतलीकूहल क्षेत्र में बिगड़ी बच्चों की हालत

मनमिंदर अरोड़ा

  • शिमला,
  • 18 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से स्कूली बच्चों के खीर खाने के बाद बीमार पड़ने का मामला सामने आया है. पतलीकूहल क्षेत्र के बाड़ी प्राथमिक स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद करीब 30 से 40 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई. कई बच्चों की हालत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.

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बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील के तहत खीर परोसी गई थी. खाना खाने के बाद कुछ बच्चों की तबीयत स्कूल में ही बिगड़ने लगी. स्कूल की छुट्टी के बाद कई बच्चे घर पहुंचे तो उनकी हालत और खराब हो गई. कुछ बच्चों के अर्धमूर्छित होकर गिरने की बात भी सामने आई है. बीमार बच्चों में कुल्लू जिले के जैंडी, बाड़ी, बशकोला, रंखड़ू और बाजगाड़ी समेत आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं.

बच्चों की हालत बिगड़ते ही परिजनों और आसपास के लोगों ने बीमार बच्चों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतलीकूहल पहुंचाया. एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. परिजन अपने बच्चों की हालत को लेकर चिंतित नजर आए. डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत बच्चों का उपचार शुरू किया. फिलहाल किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है.

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सीएचसी पतलीकूहल में डॉक्टरों ने बच्चों में सामने आए लक्षणों के आधार पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है. आशंका है कि खीर में इस्तेमाल किसी सामग्री या पानी की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी हो सकती है. हालांकि, अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बच्चों के बीमार पड़ने की असली वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी. एक साथ इतने बच्चों के बीमार पड़ने के बाद मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. खाद्य सामग्री और पानी के सैंपल की जांच से ही तस्वीर साफ होगी.

घटना की जानकारी मिलने के बाद मनाली विधायक भुवनेश्वर गौड़ अस्पताल पहुंचे. उन्होंने बीमार बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली.

विधायक ने कहा कि एसडीएम पूरे मामले की जांच करेंगे. जांच रिपोर्ट में अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है और कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि बच्चों की सेहत से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

घटना के बाद अब प्रशासन की जांच पर सबकी नजर है. मिड-डे मील में इस्तेमाल की गई खीर की सामग्री, दूध और पानी समेत अन्य खाद्य पदार्थों की जांच अहम मानी जा रही है. जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर एक साथ इतने बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह क्या थी. फिलहाल बच्चों का इलाज जारी है और मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है. इस घटना ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

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