'कांग्रेस तपस्या का संगठन, बीजेपी-RSS जबरन कराती है पूजा, हरियाणा में बोले राहुल गांधी

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा हरियाणा के कुरुक्षेत्र में है. यहां समाना में मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा को हर जगह जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. यात्रा का उद्देश्य लोगों को देश की सच्ची आवाज सुनने देना भी है. इस दौरान उन्होंने तपस्या और पूजा को लेकर बीजेपी-आरएसएस पर भी निशाना साधा.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी कांग्रेस नेता राहुल गांधी

सुप्रिया भारद्वाज

  • कुरुक्षेत्र,
  • 08 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि उनके नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा को देश में हर जगह जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. उनका यह पैदल मार्च नफरत और समाज में फैलाये जा रहे भय के खिलाफ है. बेरोजगारी और महंगाई के खिलाफ. कुरुक्षेत्र के पास समाना में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा राहुल गांधी ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा को हर जगह जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है. यात्रा का उद्देश्य लोगों को देश की सच्ची आवाज सुनने देना भी है."

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इस दौरान उन्होंने एक सवाल के जवाब में तपस्या और पूजा को लेकर बीजेपी-आरएसएस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक तपस्या का संगठन है. इसको आप तपस्या में लगाते हैं तो एनर्जी आती है. बीजेपी पूजा का संगठन है. उसको अगर आप पूजा में लगाएंगे तो उसमें ताकत आती है. पूजा दो तरह की होती है. एक समान होती है कि मैं भगवान की पूजा कर रहा हूं और कुछ मांगता हूं. आरएसएस की पूजा अलग है. वो चाहता है कि जोर जबरदस्ती से उनकी पूजा हो. 

उन्होंने कहा कि मोदी जी चाहते हैं कि जोर जबरदस्ती उनकी पूजा हो और देश में सब लोग उनकी पूजा करें. उसका जवाब तपस्या ही हो सकती है. इस यात्रा में कांग्रेस ही नहीं, लाखों लोग तपस्या कर रहे हैं. ये ही यात्रा का संदेश है. बीजेपी कहती है कि जो हमारी पूजा करेगा उसकी इज्जत होगी. उन्होंने आगे कहा कि हिंदुस्तान का ऐसा किसान, मजदूर नहीं मिलेगा जो मुझसे कम चला है. मैं तपस्या की इज्जत करता हूं. ये देश तपस्या का, पुजारियों का नहीं है.

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उन्होंने कहा कि गीता में कहा गया है - 'कर्म करो, फल की चिंता न करो'. जब अर्जुन मछली की आंख पर निशाना लगा रहे थे, तो उन्होंने ये नहीं कहा कि निशाना लगाने के बाद वो क्या करेंगे. रोजगार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार कहां से आएगा? जब हम दूसरी हरित क्रांति लेकर आएंगे, कृषि को बढ़ावा देंगे, फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्रियों के जाल बिछाएंगे. इससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिल सकता है. शिव जी, गुरुनानक देव जी और भगवान बुद्ध का हाथ 'अभय मुद्रा' में है. 'अभय मुद्रा' का अर्थ है- डरो मत. 'अभय मुद्रा' तपस्या का प्रतीक है. यही कांग्रेस के निशान 'हाथ' के पीछे का मतलब है.

यात्रा के दौरान कई चीजें सीखने को मिलीं- राहुल

वर्तमान में हरियाणा से गुजर रही कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के बारे में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अब तक की यात्रा के दौरान कई चीजें सीखने को मिलीं. देश के दिल में जो है, वह सीधे (लोगों से बातचीत) सुनने को मिला. यात्रा को हरियाणा में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है- यह ऊर्जावान, उत्साही प्रतिक्रिया है.यात्रा के आलोचकों पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि यात्रा शुरू होने पर लोगों ने कहा कि जो प्रतिक्रिया हमें केरल में मिली, वह हमें कर्नाटक में नहीं मिलेगी, जो कि भाजपा शासित राज्य है. लेकिन हमें वहां और भी बेहतर प्रतिक्रिया मिली. 

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उन्होंने कहा कि यात्रा को दक्षिण भारत में प्रतिक्रिया मिली, लेकिन जब यह महाराष्ट्र पहुंचेगी, तो इसे वह प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी. जब हम महाराष्ट्र पहुंचे, तो हमें दक्षिण भारत से भी बेहतर प्रतिक्रिया मिली. तब कहा गया था कि जब यात्रा हिंदी पट्टी से गुजरेगी तो हमें अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी, लेकिन मध्य प्रदेश में प्रतिक्रिया में और भी सुधार हुआ. जब हम हरियाणा पहुंचे तो कहा गया कि यह भाजपा शासित राज्य है, लेकिन यहां भी प्रतिक्रिया जबरदस्त थी. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, और भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.

'ये यात्रा तपस्या की तरह है'

एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा कि भारत की आवाज जिसे दबाया जा रहा है, जो डर फैलाया जा रहा है और भारत को जिस तरह बांटा जा रहा है, एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, एक धर्म को दूसरे धर्म के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है, यह यात्रा इसके खिलाफ है. इस यात्रा का एक और उद्देश्य है, जो हम देख रहे हैं कि यह यात्रा एक "तपस्या" की तरह है. हम अपने देश से प्यार करते हैं, हम अपने लोगों, किसानों, गरीबों से प्यार करते हैं और हम उनके साथ चलना चाहते हैं. इसलिए, यात्रा का उद्देश्य यह भी है कि इस देश के लोगों को देश की सच्ची आवाज सुनने को मिले. देश में आर्थिक असमानता है और धन, मीडिया और अन्य संस्थानों को कुछ लोगों द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है. यह यात्रा बेरोजगारी, महंगाई के खिलाफ है."

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बीजेपी ने साधा निशाना

राहुल गांधी के तपस्वी-पुजारी वाले बयान को लेकर बीजेपी लगातार निशाना साधा रही है. इस कड़ी में केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि राहुल गांधी ने सभी भारतीयों का अपमान किया है, जो मंदिरों में प्रार्थना करने जाते हैं. तपस्वी और पुजारी एक ही चीज हैं. उन्हें हमें बताना चाहिए कि अगर वह अपनी कही बात पर विश्वास करते हैं तो वह जनेऊ पहनकर मंदिर क्यों जाते हैं. क्या वह राजनीतिक लाभ के लिए मंदिरों में जाते हैं?

वहीं बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस में डिवाइड एंड रूल का डीएनए है और वे फिर से हिंदुओं को बांट रहे हैं. राहुल गांधी कहते हैं, ये देश तपस्वी का है, पूजारियों का नहीं है. तपस्या का सम्मान करें लेकिन पुजारियों का अपमान क्यों करें? कांग्रेस हमेशा हिंदू आस्था का उपहास उड़ाती है. भगवा वस्त्र से लेकर श्री राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने तक.

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