हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म, CM सैनी के साथ बैठक के बाद फैसला

हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई है. बिजली कर्मचारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है. CM सैनी ने कर्मचारियों को कंपनी का प्राइवेटाइजेशन न होने का भरोसा दिया है.

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CM सैनी ने बिजली विभाग को निजिकरण न होने का भरोसा दिया. (File Photo- PTI) CM सैनी ने बिजली विभाग को निजिकरण न होने का भरोसा दिया. (File Photo- PTI)

असीम बस्सी

  • चंडीगढ़,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:31 PM IST

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल अब खत्म हो गई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ कर्मचारी यूनियन की हुई बैठक के बाद ये फैसला लिया गया. हड़ताल खत्म होने के तुरंत बाद बिजली कर्मचारियों ने फील्ड में उतरकर बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करना शुरू कर दिया है.

बिजली कर्मचारियों के यूनियन लीडर देवेंद्र हुड्डा ने मीडिया से बातचीत करते हुए हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने निजीकरण और एक निजी कंपनी को दिए गए समानांतर लाइसेंस के विरोध में ये आंदोलन शुरू किया था. आज मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार ने कहा कि वो निजीकरण के खिलाफ है.

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देवेंद्र हुड्डा ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने हमें आश्वस्त किया है कि बिजली विभाग में किसी भी निजी खिलाड़ी या कंपनी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि विभाग पूरी तरह से सरकारी ढांचे के तहत ही काम करेगा.

इसके अलावा, जोखिम भत्ता और पदोन्नति कोटा जैसे दूसरे मुद्दों पर चर्चा के लिए आगामी 11 नवंबर को एक विशेष बैठक तय की गई है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि सभी विभागों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.

लोकहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया फैसला

कर्मचारी यूनियन ने कहा कि त्योहारी सीजन और आम जनता की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए, लोकहित में ये फैसला लिया गया है कि हड़ताल को तुरंत वापस लिया जाए. कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि वो तुरंत काम पर लौट रहे हैं और ठप पड़ी बिजली सप्लाई को जल्द से जल्द रिस्टोर किया जाएगा.

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वहीं, राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा, क्योंकि HERC ने प्राइवेट प्लेयर को लाइसेंस दिया था. हमने पहले दिन से ही इसका विरोध किया था. हमने कभी कोई एप्लीकेशन नहीं मांगी, लेकिन एक नियम था कि कोई भी कमीशन को एप्लीकेशन दे सकता है. जैसे ही ऐसा हुआ, हमने इसका विरोध किया. सेक्शन 108 का इस्तेमाल करके, सरकार HERC को निर्देश दे सकती है और प्राइवेट प्लेयर की परमिशन कैंसल करवा सकती है, हमने ऑर्डर लिखकर साइन कर दिया है. इसे संबंधित डिपार्टमेंट को भेज दिया गया है.

CM सैनी के निर्देश के बाद बिजली विभाग की बैठक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में जहां-जहां बिजली बाधित हुई हो वहां तुरंत बिजली सप्लाई शुरू की जाए. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बिजली विभाग की एक अहम बैठक हुई. HVPNL के MD डॉ. आदित्य दहिया और DHBVNL, UHBVNL के MD विक्रम सिंह IAS ने सभी SE और Xen के साथ बैठक की.

उन्होंने सभी जगहों पर तुरंत बिजली सप्लाई सुचारू करने के निर्देश दिए और आज रात 12 बजे तक सभी जिलों से बिजली सप्लाई की रिपोर्ट भी मांगी. इसके अलावा, आपात सेवाओं के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम शनिवार तक संचालित रखने के लिए कहा.

क्या था पूरा विवाद?

बता दें कि हरियाणा बिजली कर्मचारी और इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर उतरे थे. ये पूरा विवाद हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) के हाल ही में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूह में बिजली वितरण के लिए 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के बाद शुरू हुआ था.

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यह भी पढ़ें: प्राइवेटाइजेशन के खिलाफ लड़ाई... गुरुग्राम समेत हरियाणा के कई जिलों में क्यों छाया अंधेरा?

कर्मचारियों का आरोप था कि ये फैसला पिछले दरवाजे से निजीकरण लाने की एक चाल है, जिससे ज्यादा राजस्व देने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र निजी हाथों में चले जाएंगे और राज्य के स्वामित्व वाले दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. अब सरकार के साथ बनी सहमति और निजीकरण के विरोध पर मिले आश्वासन के बाद ये मामला शांत हो गया है.

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