'यहां फर्जी डिग्री बनाई जाती है', जब प्राइवेट यूनिवर्सिटी में नकली CBI अधिकारी बनकर पहुंचे युवक

सूरत के कोसंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीपी सवानी यूनिवर्सिटी स्थित है. इसी यूनिवर्सिटी के गेट पर एक शख्स पहुंच और खुद की पहचान एंटी करप्शन और सीबीआई अधिकारी के तौर पर दी. गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स से उसने कहा कि उसे इस यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बनाए जाने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच के लिए वह यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार व्यक्ति से मिलकर बात करना चाहता है.

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दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है (प्रतीकात्मक तस्वीर) दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत,
  • 25 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST

गुजरात के अलग-अलग इलाकों से नकली अधिकारी, नकली टोल नाका जैसे मामले सामने आ चुके हैं. सूरत से एक बार फिर नकली सीबीआई अधिकारी बनकर हेकड़ी दिखाने का मामल सामने आया है. पकड़े गए दोनों युवक नकल सीबीआई अधिकारी बनकर एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में नकली डिग्री बनाने का आरोप लगा जांच करने के लिए पहुंचे थे. 

यूनिवर्सिटी स्टाफ को उन पर शक हुआ तो उन्होंने इस मामले की सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने कंफर्म किया कि सीबीआई अधिकारी बनकर आए दोनों युवक सीबीआई में नहीं है, बल्कि सीबीआई के नकली अधिकारी हैं. पुलिस ने दोनों नकली सीबीआई अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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दरअसल, सूरत के कोसंबा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीपी सवानी यूनिवर्सिटी स्थित है. इसी यूनिवर्सिटी के गेट पर एक शख्स पहुंच और खुद की पहचान एंटी करप्शन और सीबीआई अधिकारी के तौर पर दी. गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स से उसने कहा कि उसे इस यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री बनाए जाने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच के लिए वह यूनिवर्सिटी के जिम्मेदार व्यक्ति से मिलकर बात करना चाहता है. 

स्टाफ ने अंदर मिलने बुलाया

सिक्योरिटी गार्ड ने सीबीआई अधिकारी बनकर पहुंचे शख्स के बारे में यूनिवर्सिटी के स्टाफ को जानकारी दी. यूनिवर्सिटी में मौजूद स्टाफ ने उसे मिलने के लिए अंदर आने की इजाजत दे दी. यूनिवर्सिटी के गेट पर सबसे पहले पहुंचने वाले शख्स का नाम पार्थ भोला भाई टाठानी था. यूनिवर्सिटी स्टाफ से पथ ने कहा कि वह एंटी करप्शन हेड क्वार्टर सीबीआई से आया हुआ है और यूनिवर्सिटी में डुप्लीकेट डिग्री बनाई जाती है, जिसकी हमें शिकायत मिली है. 

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पुलिस को दी गई सूचना

इस पर यूनिवर्सिटी स्टाफ ने कहा कि हमारे यहां कोई भी डुप्लीकेट डिग्री नहीं बनाई जाती है. इसके बाद पार्थ ने अपने फोन से अपने ही साथी यशभाई हरीश भाई कोलडिया से फोन पर बात करवाई थी और कहा कि हमारे बॉस से बात कर लो. फोन पर बात कर रहे यश ने यूनिवर्सिटी स्टाफ के साथ बदसलूकी की. इसके बाद यूनिवर्सिटी स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी और इन दोनों नकली अधिकारियों का भंडाफोड़ हो गया.

यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र के कहने पर रची साजिश

कोसंबा थाने के पुलिस इंस्पेक्टर जे.ए बारोट ने बताया कि पुलिस टीम जब वहां पहुंची थी तो उनके पास से एक गाड़ी बरामद हुई. इसके अंदर एंटी करप्शन सीबीआई जनरल सेक्रेटरी लिखा हुआ एक बोर्ड रखा हुआ था. यह लोग सीबीआई से नहीं थे और ना ही एंटी करप्शन से थे. इन लोगों को यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले ओम विरल भाई कवा नामक छात्र ने बुलाया था. यह वही विरल कवा छात्र था जिसके कहने से पार्थ टाठानी और यश कोलडिया नकली सीबीआई अधिकारी बनकर यह लोग यूनिवर्सिटी पर पहुंचे थे. नकली सीबीआई अधिकारी और एंटी करप्शन अधिकारी बनकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर जाने का असली मकसद क्या था इसका खुलासा नहीं हुआ है.

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