49 दिन की मिस्ट्री और रिलेशनशिप ट्रैक... जली हड्डियों से खुला मौत का राज, सन्न कर देगी स्वीटी पटेल की कहानी

एक प्यार, दो शादियां और रिश्तों की उलझन... गुजरात की स्वीटी पटेल की जिंदगी की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. पहली शादी टूटी तो दूसरी बार प्यार हुआ, परिवार बसा, लेकिन फिर रिश्तों में दरार आई. एक रात स्वीटी गायब हो गई और 49 दिन बाद जली हुई हड्डियों ने ऐसा राज खोला, जिसने सबको हिला दिया.

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4 जून 2021 की रात स्वीटी की कर दी गई थी हत्या. (File Photo: ITG) 4 जून 2021 की रात स्वीटी की कर दी गई थी हत्या. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • वडोदरा,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:57 AM IST

ये कहानी है गुजरात के चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड की. साल 2021 में हुई इस हत्या के मामले में अब करीब पांच साल बाद अदालत का फैसला आया है. वडोदरा जिले की करजण कोर्ट ने स्वीटी के पति और तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अजय अमृत देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं मामले में मददगार बताए गए सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को पांच साल की जेल हुई है. लेकिन इस फैसले तक पहुंचने से पहले इस कहानी ने रिश्तों के कई मोड़ देखे.

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स्वीटी पटेल आनंद जिले के उमरेठ के पणसोरा गांव की रहने वाली थी. कॉलेज के दिनों में उसे गांव के ही हेतस महेश पंड्या से प्यार हुआ. प्यार हुआ तो शादी भी हुई. इस शादी से स्वीटी के दो बेटे हुए. जिंदगी आगे बढ़ रही थी, लेकिन रिश्ते में दरार आ गई. अनबन इतनी बढ़ी कि साल 2014 में दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद स्वीटी को शायद लगा होगा कि जिंदगी को एक और मौका दिया जा सकता है. और फिर 2015 में उनकी मुलाकात अजय अमृत देसाई से हुई.

दूसरी बार प्यार... दूसरी शादी

अजय उस वक्त अहमदाबाद रूरल LIB में PSI थे. दोनों एक माइंड पावर प्रोग्राम के दौरान मिले थे. मुलाकातें बढ़ीं, रिश्ता गहरा हुआ और फिर शादी का फैसला हुआ. 2016 में दोनों ने रूपाल गांव के एक मंदिर में शादी कर ली. स्वीटी की जिंदगी में नया अध्याय शुरू हो चुका था. लेकिन इस कहानी में आगे जो हुआ, उसने इस रिश्ते को ही सवालों के घेरे में ला दिया. अजय ने स्वीटी से शादी के बाद अपने समाज की एक दूसरी युवती से भी सामाजिक रीति-रिवाज से शादी कर ली. अब रिश्ते में तीसरा किरदार आ चुका था.

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घर में विवाद बढ़ने लगे. स्वीटी और अजय के बीच तनाव रहने लगा. स्वीटी अपने रिश्ते और अपने हक को लेकर सवाल उठाती थी. इसी बीच 2019 में स्वीटी ने अजय के बेटे को जन्म दिया. अब स्वीटी तीन बच्चों की मां थी. एक तरफ बच्चे थे, दूसरी तरफ रिश्तों की उलझन. और फिर आया जून 2021, जब कहानी ही बदल गई.

यह भी पढ़ें: लव मैरिज, बच्चा और फिर हत्या... स्वीटी पटेल केस में पूर्व इंस्पेक्टर को उम्रकैद

फिर आई 4 जून 2021 की रात. करजण की प्रयोशा सोसाइटी स्थित बंगले में स्वीटी और अजय के बीच कहासुनी हुई. रात करीब 12:30 बजे जब स्वीटी अपने बच्चे के साथ सो रही थी, तभी अजय ने गला घोंटकर हत्या कर दी. स्वीटी की लाश को रातभर घर के ऊपर वाले बेडरूम में छिपाकर रखा गया. अगली सुबह करीब 10:45 बजे अजय अपनी कार को घर के दरवाजे तक लेकर पहुंचा. स्वीटी के शव को कंबल में लपेटकर कार की डिग्गी में रखा गया.

'स्वीटी लापता है... मैं उसे ढूंढने जा रहा हूं'

सुबह करीब 11:30 बजे अजय ने अपने साले जयदीप को फोन किया. कहानी ये बताई गई कि स्वीटी लापता हो गई है और उसे ढूंढने के लिए वह बाहर जा रहा हूं. यानी एक तरफ पुलिस के मुताबिक हत्या हो चुकी थी, दूसरी तरफ परिवार के सामने स्वीटी के गायब होने की बात रखी जा रही थी. शाम करीब 4 बजे कहानी में एक और किरदार जुड़ा- अजय का दोस्त किरीटसिंह जडेजा.

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अजय ने उसकी मदद ली और करजण-आमोद-वागरा दहेज हाईवे पर अटाली गांव के पास एक बंद पड़े होटल में शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई. शव पर गत्ते, लकड़ियां और घास डालकर आग लगाई गई. उम्मीद शायद यही रही होगी कि आग सबूत भी खत्म कर देगी और कहानी भी. लेकिन कुछ कहानियां आग में जलकर खत्म नहीं होतीं.

शुरुआत में पुलिस के सामने स्वीटी के लापता होने का मामला था. जांच आगे बढ़ी तो कहानी में कई सवाल खड़े होने लगे. आखिर स्वीटी गई कहां? उसका मोबाइल कहां था? अजय की लोकेशन क्या कहती है? और सबसे बड़ा सवाल कि अगर स्वीटी लापता थी, तो कोई ठोस सुराग क्यों नहीं मिल रहा था? बाद में जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच तक पहुंची. यहीं से केस ने तेजी पकड़ी. अटाली इलाके के एक बंद पड़े मकान से पुलिस को मानव हड्डियां मिलीं. अब सवाल था कि ये हड्डियां किसकी थीं? क्या ये स्वीटी की थीं? और अगर हां, तो मौत कैसे हुई?

मोबाइल लोकेशन से लेकर DNA तक

जांचकर्ताओं ने घटना के वक्त की मोबाइल टावर लोकेशन खंगाली. पुलिस के मुताबिक, घटना के समय अजय देसाई का मोबाइल उसी इलाके में मिला, जहां शव को ठिकाने लगाने की बात सामने आई थी. इसके बाद FSL जांच हुई. मानव अवशेषों की जांच ने कहानी को गंभीर बना दिया. फिर स्वीटी के बच्चे के DNA सैंपल से मिलान की प्रक्रिया शुरू हुई. जांच आगे बढ़ रही थी और अजय से पूछताछ भी जारी थी.

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आखिरकार, पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अजय ने अपनी पत्नी की हत्या की बात कबूल कर ली. अब तक जो महिला 'लापता' बताई जा रही थी, उसकी कहानी हत्या की जांच में बदल चुकी थी. करीब 49 दिनों तक चले इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश हुआ.

पांच साल बाद आया फैसला

26 जुलाई 2021 को इस मामले के खुलासे के बाद जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ती रही. वक्त बीतता गया. फिर आया 14 अगस्त 2026. वडोदरा जिले की करजण कोर्ट ने इस चर्चित मामले में फैसला सुनाया. अदालत ने स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर अजय अमृत देसाई को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को पांच साल की जेल की सजा का ऐलान हुआ. तीन बच्चों की मां स्वीटी की जिंदगी 37 साल की उम्र में खत्म हो गई. एक ऐसी कहानी, जो कॉलेज के प्यार से शुरू हुई थी. फिर पहली शादी हुई. दो बच्चे हुए. रिश्ता टूटा. फिर दूसरी बार प्यार हुआ. दूसरी शादी हुई. एक बच्चा हुआ. स्वीटी तीन बच्चों की मां बनी. लेकिन रिश्तों की उलझन ने कहानी को उस मुकाम तक पहुंचा दिया, जहां एक मां अपने बच्चों से हमेशा के लिए दूर हो गई.

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(रिपोर्ट: तुषार पटेल)

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