सावन में भक्ति के लिए सजा था मंच, भोजपुरी गाने पर अश्लील डांस शुरू होते ही मचा बवाल

सूरत के डिंडोली इलाके में सावन के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भोजपुरी गानों पर कलाकारों के अश्लील डांस से हंगामा हो गया. धार्मिक माहौल के बीच ऐसा प्रदर्शन देखकर स्थानीय लोग और श्रद्धालु नाराज हो गए. विरोध बढ़ने पर आयोजकों ने कार्यक्रम बंद कराया और लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी. घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया.

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सावन के धार्मिक मंच पर अश्लील डांस. (Photo: Screengrab) सावन के धार्मिक मंच पर अश्लील डांस. (Photo: Screengrab)

संजय सिंह राठौर

  • सूरत ,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

सूरत के डिंडोली इलाके में सावन के पवित्र महीने के दौरान आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में उस समय हंगामा मच गया, जब धार्मिक मंच पर भोजपुरी गाने बजने लगे और आमंत्रित कलाकारों ने अश्लील डांस करना शुरू कर दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद थे. धार्मिक माहौल के बीच अचानक शुरू हुए इस डांस को देखकर वहां मौजूद लोगों की नाराजगी बढ़ गई. यह कार्यक्रम डिंडोली इलाके में प्रमुख पार्क ब्रिज के नीचे सावन महीने को लेकर आयोजित किया गया था. सावन के पवित्र दिनों को देखते हुए यहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम रखा गया था. बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग कार्यक्रम में पहुंचे थे. शुरुआत में यहां पूरी तरह धार्मिक माहौल था और लोग भक्ति में शामिल थे.

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कार्यक्रम के दौरान अचानक मंच से भोजपुरी गाने बजने लगे. इसके बाद आमंत्रित कलाकारों ने मंच पर डांस करना शुरू कर दिया. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक, डांस अश्लील था और धार्मिक कार्यक्रम के माहौल के अनुरूप नहीं था. मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई. डिंडोली इलाके में उत्तर भारतीय समाज की बड़ी आबादी रहती है. इसी वजह से कार्यक्रम में भोजपुरी कलाकारों को भी बुलाया गया था. आयोजकों की ओर से भोजपुरी कलाकारों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया था. लेकिन भोजपुरी गानों पर शुरू हुआ डांस लोगों को पसंद नहीं आया. धार्मिक आयोजन के बीच इस तरह का प्रदर्शन देखकर लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा.

भोजपुरी गाने पर अश्लील डांस से मचा बवाल

मंच पर डांस जारी रहने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया. धार्मिक कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन देखकर लोगों में नाराजगी फैल गई. देखते ही देखते विरोध बढ़ गया और कार्यक्रम में हंगामे जैसी स्थिति बन गई. लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आयोजकों के सामने कार्यक्रम रोकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. मामला बढ़ता देख आयोजकों ने डांस कार्यक्रम बंद करा दिया. इसके बाद आयोजकों ने मौके पर मौजूद लोगों और श्रद्धालुओं से हाथ जोड़कर माफी मांगी. आयोजकों की माफी के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और स्थिति सामान्य हुई.

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इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया. वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक कार्यक्रम में हुए डांस को लेकर लोगों के बीच नाराजगी और बढ़ गई. सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा का विषय बन गई. सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. ऐसे में धार्मिक माहौल के बीच भोजपुरी गानों पर हुए डांस ने पूरे आयोजन की तस्वीर बदल दी. जिस मंच पर धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था, वहीं मनोरंजन के नाम पर डांस शुरू होने के बाद लोगों ने इसका विरोध किया.

स्थानीय लोगों की नाराजगी का मुख्य कारण यही था कि कार्यक्रम धार्मिक था और सावन के पवित्र महीने में आयोजित किया गया था. लोगों को उम्मीद थी कि मंच पर धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति से जुड़े आयोजन होंगे. लेकिन भोजपुरी गानों पर कलाकारों का डांस शुरू होने के बाद वहां मौजूद लोगों ने इसे धार्मिक आयोजन की मर्यादा के खिलाफ माना. डिंडोली में उत्तर भारतीय समाज की बड़ी आबादी होने के कारण भोजपुरी कलाकारों को कार्यक्रम में बुलाया गया था. भोजपुरी भाषा और गीतों से लोगों की परिचितता के बावजूद मंच पर हुए डांस को लेकर लोगों का विरोध सामने आया. लोगों को गाने और कलाकारों के बुलाए जाने से ज्यादा आपत्ति डांस के तरीके को लेकर थी.

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विरोध बढ़ने के बाद कार्यक्रम में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. आयोजकों ने स्थिति को संभालने के लिए कार्यक्रम को बंद कराया. इसके बाद उन्होंने लोगों से माफी मांगी. आयोजकों ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं और मौके पर मौजूद लोगों से माफी मांगकर मामला शांत करने की कोशिश की. उनकी माफी के बाद स्थिति सामान्य हुई. इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में मनोरंजन के नाम पर होने वाले कार्यक्रमों और उनकी मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. धार्मिक कार्यक्रमों में आने वाले श्रद्धालु आस्था और भक्ति के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में मंच पर होने वाले कार्यक्रम भी आयोजन की प्रकृति और माहौल के अनुरूप होने चाहिए.

सावन का महीना हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं. डिंडोली में भी इसी भावना के साथ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. लेकिन मंच पर हुए डांस के कारण धार्मिक कार्यक्रम अचानक विवाद में बदल गया. कार्यक्रम के आयोजकों ने बाद में माफी मांगकर विवाद को शांत करने की कोशिश की. हालांकि, कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. वीडियो में धार्मिक कार्यक्रम के मंच पर कलाकारों का डांस दिखाई देता है. इसी को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि धार्मिक आयोजनों में मनोरंजन के कार्यक्रम तय करते समय आयोजकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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इस पूरी घटना ने धार्मिक कार्यक्रमों में आस्था और मनोरंजन के बीच संतुलन की जरूरत को सामने ला दिया है. आयोजन में भोजपुरी कलाकारों को बुलाना एक अलग बात थी, लेकिन उनके प्रदर्शन का तरीका लोगों की नाराजगी का कारण बन गया. विरोध के बाद आयोजकों को कार्यक्रम रोकना पड़ा और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी. डिंडोली में हुई इस घटना के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि धार्मिक आयोजनों में कार्यक्रमों का चयन सावधानी से किया जाना चाहिए. आयोजकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मंच पर होने वाला हर कार्यक्रम वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं के अनुरूप हो.

आयोजकों ने हाथ जोड़कर मांगी माफी

फिलहाल आयोजकों की माफी के बाद मौके पर स्थिति शांत हो गई. लेकिन वायरल वीडियो के कारण यह घटना लोगों के बीच चर्चा में बनी हुई है. धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुए इस डांस ने आयोजन की मर्यादा और कार्यक्रमों के चयन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे खास बात यह रही कि जिस कार्यक्रम का आयोजन सावन के पवित्र महीने में धार्मिक माहौल के लिए किया गया था, वही कार्यक्रम मंच पर हुए डांस के कारण विवाद में घिर गया. लोगों के विरोध के बाद आयोजकों को कार्यक्रम बंद करना पड़ा और हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी.

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धार्मिक आयोजनों में आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है. डिंडोली की इस घटना ने इसी बात को लेकर चर्चा शुरू कर दी है कि धार्मिक मंच पर मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित करते समय आयोजन की मर्यादा और वहां मौजूद लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना कितना जरूरी है.
 

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