'जीते तो सब ठीक, हारे तो चुनाव आयोग खराब', जेपी नड्डा ने कांग्रेस को घेरा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को गलत बताया. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने काम किया और 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान की गई. उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया.

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जेपी नड्डा ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को गलत बताया है. (Photo: ITG) जेपी नड्डा ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को गलत बताया है. (Photo: ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर विपक्ष को जवाब दिया. उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने की जरूरत है. नड्डा ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने काम किया और करीब 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान की गई.

उन्होंने 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए जाने के आरोप को गलत बताया. नड्डा के मुताबिक, वोटर लिस्ट में ऐसे लोगों के नाम हटाए गए, जिनकी मौत हो चुकी थी, जिनके नाम दो जगह दर्ज थे या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे. उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि चुनाव जीतने पर पार्टी सब ठीक बताती है, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है.

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'SIR हवा में नहीं हुआ, 10 लाख से ज्यादा BLO ने किया काम'

SIR का बचाव करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह प्रक्रिया बिना किसी तैयारी के नहीं हुई. उन्होंने दावा किया कि इसमें 10 लाख से ज्यादा BLO ने काम किया और 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान की गई.

नड्डा ने कहा कि 13 करोड़ वोट काटे जाने का आरोप गलत है. उन्होंने इसके पीछे मतदाता सूची में दर्ज नामों का विवरण देते हुए कहा कि करीब 3 करोड़ लोग अपने पुराने पते पर नहीं मिले, क्योंकि वे दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे. उनके मुताबिक, करीब 1 करोड़ मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज थे और 2.80 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए. उन्होंने यह भी दावा किया कि 2010 से 2024 के बीच मतदाताओं के नाम नहीं काटे गए थे.

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'SIR 12 बार हुआ, 10 बार कांग्रेस के शासन में'

जेपी नड्डा ने कहा कि देश में SIR की प्रक्रिया पहले भी हुई है. उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया 12 बार हुई, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासन के दौरान हुई थी. उन्होंने कहा कि भारत 140 करोड़ लोगों का देश है और यहां जनता अपनी सरकार चुनती है. उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में सरकार का चुनाव जनता करती है.

नड्डा ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता पर चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाने के मामले में निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतती है तो सब ठीक बताती है, लेकिन चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है. उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर लोगों को भरोसा होना चाहिए. नड्डा ने चुनाव आयोग को दुनिया में मान्यता मिलने की बात भी कही. अपने बयान में उन्होंने विपक्ष के नेता की तुलना ऐसे स्कूली बच्चे से की, जो परीक्षा में पास होने पर अपनी तारीफ करता है, लेकिन असफल होने पर प्रिंसिपल को जिम्मेदार ठहराता है.

जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए इमरजेंसी का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल किया कि करीब 50 साल पहले, इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र कहां था. उन्होंने दावा किया कि उस समय बिना किसी कारण करीब एक लाख लोगों को जेल में डाला गया था. नड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात करती है, जबकि इमरजेंसी के दौरान लोगों को जेल में डालने की घटना को भी याद किया जाना चाहिए.

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यह भी पढ़ें: 'संसद में आइए, चर्चा से मत भागिए', जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को दिया चैलेंज

मोदी के नेतृत्व और खड़गे की टिप्पणी पर भी बोले नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बात दुनिया में सुनी जा रही है. उन्होंने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर नड्डा ने कहा कि जनता इसका जवाब देगी. उन्होंने कांग्रेस पर भाषा की मर्यादा तोड़ने और राजनीतिक स्तर गिराने का आरोप लगाया.

नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने जितनी बार प्रधानमंत्री मोदी को गाली दी है, उतनी बार जनता ने उसे जवाब दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है.
 

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