गुजरात के जामनगर स्थित एमपी शाह मेडिकल कॉलेज और जीजी अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों के कथित शोषण को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक गुमनाम शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. शिकायत में रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबे समय तक लगातार ड्यूटी कराने और उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिलने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
गुमनाम शिकायत में दावा किया गया है कि रेजिडेंट डॉक्टरों से 40 से 44 घंटे तक लगातार ड्यूटी कराई जाती है. वहीं, डबल इमरजेंसी के दौरान लगातार काम करने की अवधि 60 घंटे तक पहुंचने का आरोप लगाया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉक्टरों को महीने में एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती और उन्हें पर्याप्त नींद, आराम तथा भोजन तक नहीं मिल पाता.
इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने जूनियर डॉक्टरों से सीनियर डॉक्टरों के लिए नाश्ता मंगवाने और अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाले डॉक्टरों पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, शिकायत गुमनाम होने के कारण इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सभी 22 विभागाध्यक्षों से रिपोर्ट मांगी.
वायरल शिकायत पत्र पर डीन ने क्या कहा?
डीन डॉ. नंदनी देसाई के अनुसार, सभी विभागों से प्राप्त जवाबों में इस तरह की किसी नकारात्मक गतिविधि या समस्या की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल शिकायत में लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है. कॉलेज प्रशासन ने कहा कि छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए शिकायत दर्ज कराने की कई व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं. इनमें पहचान गुप्त रखते हुए शिकायत करने के लिए QR कोड सिस्टम, मेंटरशिप प्रोग्राम, डीन को ई-मेल और विभागीय बैठकों में अपनी समस्याएं रखने की सुविधा शामिल है.
प्रशासन के मुताबिक अब तक किसी छात्र या रेजिडेंट डॉक्टर ने नाम के साथ ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की है. हालांकि, कॉलेज ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में यदि किसी विभाग में ऐसी स्थिति सामने आती है तो मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
(इनपुट- दर्शन ठक्कार)
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