लग्जरी लाइफस्टाइल, गोल्ड-डायमंड और करोड़ों का खेल... सराफा कारोबारी को फंसाने वाली गुजराती फैमिली की कहानी

खुद को बड़ा बिल्डर और जमीन का बड़ा कारोबारी बताकर सराफा कारोबारी का भरोसा जीतना, फिर करोड़ों रुपये के सोने-हीरे के गहने लेना और भुगतान के नाम पर सिर्फ बहाने बनाते रहना. अहमदाबाद में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने ऐसे ही एक ठगी के मामले में अनिल विभाणी और उसके परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि परिवार ने करीब 4.45 करोड़ के गहने लिए, लेकिन पैसे नहीं दिए.

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खुद को बिल्डर बताकर 4.45 करोड़ के सोने-हीरे हड़पे. (Photo: Screengrab) खुद को बिल्डर बताकर 4.45 करोड़ के सोने-हीरे हड़पे. (Photo: Screengrab)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST

अहमदाबाद में ठगी की ऐसी कहानी सामने आई है, जिसमें परिवार ही पूरा 'सेटअप' था. पूरा परिवार ज्वेलरी शोरूम साथ जाता था. कपड़े और लाइफस्टाइल ऐसी कि सामने वाला समझे- सामने कोई बड़ा कारोबारी है. फिर खुद को बड़ा बिल्डर और जमीन का बड़ा कारोबारी बताया जाता. पहले थोड़े गहने खरीदे जाते, पैसे दे दिए जाते और ज्वेलरी शॉप वाले को लगता कि ग्राहक तो भरोसेमंद है.

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पुलिस का आरोप है कि इसी तरीके से अनिल विभाणी और उसके परिवार ने अहमदाबाद के ज्वैलरी शॉप मालिक से करीब 4.45 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के गहने ले लिए, लेकिन भुगतान नहीं किया. शिकायत के बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW ने अनिल विभाणी, उसकी पत्नी विमी, बेटे वेदांत और दामाद शिवम गढ़वी को गिरफ्तार कर लिया है. 

चारों आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं. पुलिस के मुताबिक, अनिल विभाणी अकेले नहीं आता था. परिवार के सदस्य भी साथ होते थे. शोरूम में बड़ी-बड़ी बातें होती थीं. खुद को बड़ा बिल्डर और जमीन की खरीद-फरोख्त का कारोबारी बताया जाता था.

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लाइफस्टाइल देखकर ज्वैलर्स को भरोसा होने लगा. फिर पहले थोड़ी खरीदारी की गई और उसका भुगतान कर दिया गया. इससे व्यापारियों को लगा कि ग्राहक पैसा देने वाला है. इसके बाद खरीदारी का साइज बढ़ता गया और लाखों-करोड़ों के गहने लिए जाने लगे. लेकिन जैसे ही पैसे देने की बारी आई, कहानी बदल गई. 

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सराफा कारोबारी जब भुगतान मांगते तो आरोपी नई तारीख दे देते. कभी जमीन बिकने की बात होती, कभी कमीशन मिलने का हवाला दिया जाता. पुलिस के मुताबिक, अनिल विभाणी ने एक कारोबारी को तीन महीने में पैसे चुकाने का भरोसा दिया था. फिर कहा गया कि 15-20 दिन में भुगतान कर देंगे. लेकिन तारीखें आती रहीं और पैसे नहीं आए. आखिरकार एक ज्वेलरी कारोबारी पुलिस के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई.

एक शिकायत हुई तो दूसरे पीड़ित भी सामने आए

ACP मनोजसिंह चावड़ा के मुताबिक, अनिल विभाणी के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज हो चुका था और एक केस में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी. जब उसके पकड़े जाने की खबर आई तो दूसरे लोग भी क्राइम ब्रांच पहुंचे. पुलिस के सामने शिकायतों की तस्वीर बड़ी होती चली गई. इस मामले में शिकायतकर्ता और तीन अन्य गवाह भी ज्वेलरी कारोबार से जुड़े बताए गए हैं.

पुलिस का आरोप है कि अनिल विभाणी, उसकी पत्नी विमी, बेटा वेदांत, बेटी राजवी और राजवी के पति शिवम गढ़वी ने मिलकर ज्वेलरी कारोबारियों का भरोसा जीतने और उनसे गहने लेने की प्लानिंग की. हालांकि मौजूदा मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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पुलिस के मुताबिक, अनिल विभाणी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. अलग-अलग मामलों को मिलाकर करीब 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायतें उसके खिलाफ सामने आ चुकी हैं. एक पुराने मामले में पुलिस ने लॉकर की तलाशी ली थी. वहां से करीब 9 करोड़ रुपये के गहने जब्त किए जाने की बात पुलिस ने कही है.

हालांकि इस नए 4.45 करोड़ रुपये के मामले में अभी तक न तो रकम बरामद हुई है और न ही कथित तौर पर लिए गए गहने. फिलहाल अनिल विभाणी, उसकी पत्नी विमी, बेटा वेदांत और दामाद शिवम गढ़वी पुलिस रिमांड पर हैं. EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि सराफा कारोबारी से लिए गए गहनों का क्या हुआ, पैसा कहां गया और इस पूरे खेल में कितने लोग शामिल थे. 

जिस परिवार की आलीशान लाइफस्टाइल देखकर सराफा कारोबारी ने भरोसा किया, वही परिवार अब पुलिस की रिमांड में है. आरोप है कि पहले भरोसा बनाया गया, फिर करोड़ों के गहने लिए गए और भुगतान के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता रहा. अब EOW इस कथित ठगी की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है.

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