पटना के बिहटा में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.43 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 1 करोड़ 43 लाख रुपये की ठगी की गई. इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी बिहटा क्षेत्र के राघोपुर स्थित एसएस कॉलोनी से हुई. गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर्यन कुमार के रूप में हुई है.
पुलिस ने बताया कि ठगी की रकम में से 1.05 करोड़ रुपये आर्यन कुमार और उमेश सिंह के जॉइंट बैंक अकाउंट में भेजे गए थे. इस रकम में से करीब 78 लाख रुपये निकाले जा चुके थे. जबकि 27 लाख रुपये खाते में बचे थे. पुलिस ने खाते में बचे 27 लाख रुपयों को फ्रीज करा दिया है.
दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि 17 अगस्त को NCRP पोर्टल के जरिए पुलिस को शिकायत मिली थी. इसमें बताया गया कि एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 1 करोड़ 43 लाख रुपये की ठगी की गई है. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम का एक हिस्सा बिहटा के राघोपुर निवासी आर्यन कुमार और उमेश सिंह के जॉइंट बैंक अकाउंट में पहुंचा था. इसके बाद पुलिस टीम ने अकाउंट और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई और आर्यन को गिरफ्तार कर लिया.
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पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच की जा रही है. पीड़ित ने पुलिस को बताया कि एटीएम कार्ड से ही रकम निकली गई है. पुलिस बरामद मोबाइल और सिम की जांच के साथ पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे साइबर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि खाते से करीब 78 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं, जबकि करीब 27 लाख रुपये अभी खाते में बचे थे. पुलिस ने तुरंत बैंक अकाउंट को फ्रीज करा दिया, ताकि बची हुई रकम को निकाला न जा सके.
अब पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है. बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच के जरिए साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इस गैंग में कितने लोग शामिल हैं.
मनोज कुमार सिंह