कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने कथित स्टिंग वीडियो केस में जारी जांच को लेकर अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ही पार्टी के नेता फेक वीडियो बनाने में शामिल हैं.
माना जा रहा है कि सिद्धारमैया पुलिस जांच से भी काफी नाखुश हैं क्योंकि पुलिस केवल यह जांच कर रही है कि वीडियो किसने अपलोड किया, जबकि इस बात की जांच नहीं की जा रही कि इस वीडियो को किसने बनाया है.
उन्होंने कहा कि यह फैब्रिकेटेड वीडियो (मनगढ़ंत वीडियो) उनकी छवि खराब करने के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है. सिद्धारमैया सोमवार को राहुल से मिले थे.
बता दें, सितंबर में कथित तौर पर YouTube पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे, जिनमें सिद्धारमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए. इसके बाद कांग्रेस नेता ने अदालत का रुख किया और मीडिया को वीडियो पर रिपोर्टिंग करने से रोकने का इंजंक्शन प्राप्त किया. उन्होंने जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.
कुछ दिन पहले जानकारी सामने आई कि कथित स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली से खरीदा गया था और इसे देश की राजधानी में केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर प्रज्वल प्रसाद नाम के शख्स को सौंपा गया था.
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने बताया था कि मामले में गिरफ्तार आरोपी रितेश पांडे के स्टेटमेंट के अनुसार प्रज्वल प्रसाद के निर्देशों पर विनोद शर्मा और रितेश पांडे ने दिल्ली के करोल बाग में एक दुकान से मोबाइल खरीदा.
इसके बाद दोनों ने यह फोन दिल्ली में कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर जाकर प्रज्वल को हैंडओवर किया. दिल्ली के रहने वाले पांडे को कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के सिलसिले में 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति थे.
नागार्जुन