दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद एमसीडी ने CM रेखा गुप्ता के निर्देश पर पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. खास बात ये है कि जिन पांच अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है उनमें से तीन अधिकारी मालवीय नगर के हौज रानी हादसे के दौरान भी दक्षिण जोन में तैनात थे.
सत्य निकेतन हादसे में एमसीडी ने जिन पांच अधिकारियों को निलंबित किया है उसमें दक्षिण जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं.
खास बात ये है कि इसमें से तीन अधिकारी ऐसे हैं जो मालवीय नगर के हौज रानी हादसे के दौरान भी दक्षिण जोन में तैनात थे लेकिन उस हादसे के बाद इन अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई थी.
मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में आग लग गई थी, जिसमें 23 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में MCD के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी. असिस्टेंट पब्लिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रिंस मान को निलंबित किया गया था. जबकि डिप्टी हेल्थ ऑफिसर को दक्षिण जोन से हटाकर MCD मुख्यालय भेजा गया था.
वहीं रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के कारण 7 लोगों की मौत हो गई. उस इमारत में रेनोवेशन और निर्माण कार्य चल रहा था. इसलिए इस मामले में MCD की भूमिका सीधे सवालों के घेरे में थी.
इस मामले में जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार राय को सस्पेंड किया गया है. जूनियर इंजीनियर की जिम्मेदारी इलाके में चल रहे निर्माण और रेनोवेशन कार्य पर नजर रखना, मौके का निरीक्षण करना और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट करना है.
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असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर की रिपोर्ट और इलाके में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी करता है. अवैध निर्माण या कोई अनधिकृत रेनोवेशन मिलने पर आगे की कार्रवाई करना असिस्टेंट इंजीनियर का काम होता है.
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर से ऊपर के स्तर पर बिल्डिंग विभाग की कार्रवाई पर निगरानी करता है. सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पूरे क्षेत्र में बिल्डिंग विभाग के कामकाज और अधीनस्थ इंजीनियरों की निगरानी करता है. साथ ही, गंभीर मामलों में कार्रवाई की समीक्षा करता है. डिप्टी कमिश्नर जोन स्तर पर MCD के कामकाज की निगरानी करता है. विभागीय कार्रवाई की मॉनिटरिंग करना और यह सुनिश्चित करना कि अधिकारी नियमों के मुताबिक काम कर रहे हैं या नहीं, यह देखना डिप्टी कमिश्नर की जिम्मेदारी होती है.
सत्य निकेतन हादसे के मामले में जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर और डिप्टी कमिश्नर तक पांच अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है.
इससे साफ होता है कि जांच का फोकस सिर्फ ये पता लगाने पर नहीं है कि इमारत का निरीक्षण किया गया या नहीं बल्कि ये भी देखा जा रहा है कि पूरी प्रशासनिक और इंजीनियरिंग चेन में लापरवाही कहां हुई.
सुशांत मेहरा