दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए PG हादसे के बाद छात्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसका असर अब दूसरे इलाकों में रहने वाले छात्रों पर भी दिख रहा है. शहीद भगत सिंह कॉलेज के पास चिराग दिल्ली इलाके में रहने वाले कई छात्रों ने अपने PG खाली कर दिए हैं.
छात्रों का कहना है कि उनके PG में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं हो रहा था. इसी वजह से उन्होंने वहां से निकलने का फैसला किया. PG खाली करने के बाद कई छात्रों के सामने रहने की बड़ी परेशानी खड़ी हो गई. दिल्ली में उनके पास तुरंत रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं थी. ऐसे में छात्रों ने अपनी समस्या कॉलेज प्रशासन के सामने रखी.
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्हें अपना PG छोड़ना पड़ा है. उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल को पत्र लिखकर मदद की मांग की. इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने तुरंत छात्रों के रहने की व्यवस्था करने का फैसला लिया.
कॉलेज प्रशासन ने कैंपस के अंदर ही छात्रों के लिए अस्थायी रहने की व्यवस्था की है. इससे उन छात्रों को राहत मिली है, जिनके पास PG खाली करने के बाद रहने की कोई जगह नहीं थी.
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कॉन्फ्रेंस हॉल में रहने की व्यवस्था
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल खाली कराया है. वहां गद्दे लगाकर छात्रों के रहने की व्यवस्था की गई है. जिन छात्रों ने अपना PG खाली कर दिया है और दिल्ली में उनके पास कोई दूसरा ठिकाना नहीं है, उन्हें यहां रहने की सुविधा दी जा रही है.
कॉलेज के एक प्रोफेसर ने बताया कि कुछ छात्रों ने प्रशासन से कॉन्टैक्ट किया था. छात्रों ने बताया कि उनके PG में सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता थी. इसके बाद प्रिंसिपल के निर्देश पर कॉलेज ने उनकी मदद करने का फैसला लिया.
छात्रों का कहना है कि सत्य निकेतन की घटना के बाद वे PG की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं. कई छात्रों ने अपने रहने की जगह पर सुरक्षा इंतजामों की जांच की. कुछ छात्रों को लगा कि उनके PG में जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है. इसके बाद उन्होंने वहां से निकलने का फैसला किया.
फिलहाल कॉलेज प्रशासन की इस पहल से छात्रों को बड़ी राहत मिली है. कॉलेज ने मुसीबत की इस घड़ी में छात्रों को कैंपस में रहने की जगह दी है. इससे छात्रों को तुरंत नया ठिकाना तलाशने की परेशानी से राहत मिली है.
आशुतोष कुमार