दिल्ली में प्रदूषण पर 24x7 नजर रखने के लिए नया कमांड सेंटर शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शास्त्री पार्क के डीएमआरसी आईटी पार्क में DPCC के ICCC का उद्घाटन किया. यहां 700 से ज्यादा निर्माण साइट्स पर AI CCTV की नजर रहेगी, सड़क साफ करने वाली मशीनें GPS से ट्रैक होंगी और फील्ड टीमों के बॉडी कैमरे सेंटर से जुड़ेंगे. सर्दियों में यह सेंटर वॉर रूम की तरह काम करेगा. 78 सब डिविजन टीमें कार्रवाई करेंगी और लोग जन सुझाव पोर्टल से शिकायत भेज सकेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ आंकड़े जुटाना काफी नहीं है, तुरंत कार्रवाई जरूरी है. ICCC में डिटेक्ट, एनालाइज, एक्ट, वेरिफाई के मंत्र पर काम होगा. पहले प्रदूषण या नियम तोड़ने की पहचान होगी, फिर जांच, फिर विभाग को अलर्ट और आखिर में कार्रवाई का नतीजा देखा जाएगा.
निर्माण साइट्स पर AI की नजर
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक सेंटर तय समय से करीब छह महीने पहले तैयार हुआ है. 500 वर्गमीटर से बड़ी निर्माण साइट्स की लाइव निगरानी हो रही है और PM10 बढ़ने पर विभाग व साइट मालिक को तुरंत सूचना मिलेगी. सभी AQI स्टेशनों का डेटा, पिछले सालों के आंकड़े और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों का विश्लेषण होगा.
मशीनों और टीमों की निगरानी
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों को GPS से जोड़ा गया है. सेंटर से उनकी लोकेशन, रूट, सफाई, दूरी और काम की अवधि देखी जाएगी. इससे पता चलेगा कि मशीनें तय समय तक काम करती हैं या नहीं. सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.
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वायुदूत टीमें फील्ड में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां पकड़ेंगी और उनके बॉडी कैमरे ICCC से जुड़ेंगे. DPCC अधिकारियों को निरीक्षण के समय बॉडी कैमरा रखना जरूरी होगा. सर्दियों में 78 सब डिविजन टीमें ICCC के साथ काम करेंगी और हॉटस्पॉट या उल्लंघन की सूचना पर अलर्ट पाएंगी. नए CCTV कैमरे खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर नजर रखेंगे.
जन सुझाव पोर्टल और 24x7 शिफ्ट
जन सुझाव पोर्टल पर लोग शिकायतें, सुझाव और अच्छे प्रयास साझा कर सकेंगे, जिन्हें सरकार सम्मानित करने की बात कह रही है. सेंटर में अधिकारी शिफ्ट में 24x7 रहेंगे, जहां किचन, पैंट्री, मेस और बंक बेड की सुविधा है. सरकार के मुताबिक स्मॉग गन, मिस्ट स्प्रे, धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्र, स्वच्छ परिवहन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी काम चल रहा है.
सुशांत मेहरा