दिल्ली में मेट्रो स्टेशन और सड़कें बंद करने के साथ लोगों को हिरासत में लेने के आरोपों से जुड़े अवमानना मामले में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है.
DMRC के चेयरपर्सन की तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि शनिवार को 303 में से केवल 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद की गई थी. सभी स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रही. यात्रियों की सुविधा के लिए आसपास के मेट्रो स्टेशन खुले रखने के कदम भी उठाए गए.
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50 फीसदी गिरी यात्रियों की आवाजाही
DMRC ने माना कि शनिवार को मेट्रो में यात्रियों की संख्या घटकर 32 लाख रह गई, जबकि आम तौर पर शनिवार को करीब 58 लाख यात्री सफर करते हैं.
हालांकि, कॉरपोरेशन ने यात्रियों की संख्या में कमी के लिए जारी विरोध प्रदर्शनों को जिम्मेदार बताया. हलफनामे के मुताबिक, प्रदर्शन के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने यात्रा करने, अपने रोजमर्रा के कामों और निजी या कारोबारी गतिविधियों में शामिल होने से परहेज किया.
दिल्ली पुलिस ने भी कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
दिल्ली पुलिस ने अवमानना मामले में दाखिल हलफनामे में कहा कि अधिसूचित प्रतिबंधित क्षेत्र के बाहर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत हिरासत की कार्रवाई नहीं की गई.
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दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि धारा 163 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र की अधिसूचना में जंतर-मंतर थाने के अधिकार क्षेत्र से बाहर के कई इलाके भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बैरिकेडिंग की समीक्षा की जा रही है और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने की अनुमति दी गई है.
अनीषा माथुर