नई दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शनों को कवर कर रहे कथित पाकिस्तान से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म ह्यूमन ऑनलाइन को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद तेजी से फैल रहा है. विवाद तब शुरू हुआ, जब प्लेटफॉर्म की ग्राउंड रिपोर्टर की प्रदर्शन से जुड़ी रिपोर्टिंग वायरल हुई. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह 'पाकिस्तान के पेरोल पर काम करने वाली पत्रकार' हैं. इसके बाद सवाल रिपोर्टर से हटकर Human Online के कथित पाकिस्तान कनेक्शन पर उठने लगे.
इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने ह्यूमन ऑनलाइन और उसके संस्थापकों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर इस विवाद से जुड़े तथ्यों को सामने रखा. जांच में तीन अहम बातें सामने आईं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जा सका. फेसबुक के पेज ट्रांसपेरेंसी सेक्शन के मुताबिक, Human Online के पेज पाकिस्तान और सऊदी अरब से संचालित किए जा रहे हैं.
संगठन के मुख्यालय को लेकर भी सवाल उठे हैं. ह्यूमन ऑनलाइन की वेबसाइट पर फिलहाल अमेरिका और सऊदी अरब में कार्यालय बताए गए हैं, जबकि 2024 में वेबसाइट के पुराने संस्करण में नागपुर, भारत को इसका स्थान बताया गया था. बाद में इसे दुबई और सऊदी अरब में बदला गया और इसके बाद अमेरिका को भी इसमें जोड़ा गया.लिंक्डइन प्रोफाइल से भी पाकिस्तान से एक कनेक्शन सामने आता है. प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध 16 कर्मचारियों में से 14 पाकिस्तान में स्थित हैं. संगठन के सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी कई बदलाव हुए हैं. एक्स पर इसका यूजरनेम चार बार और फेसबुक पर नौ बार बदला गया है.
Human Online ने आरोपों को खारिज किया
इंडिया टुडे ने ह्यूमन ऑनलाइन की ग्लोबल हेड नम्रता सूरजोरम से बात की. उन्होंने कहा कि ह्यूमन ऑनलाइन एक तेजी से बढ़ता मीडिया प्लेटफॉर्म है, जिसकी अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाली विविध और अंतरराष्ट्रीय टीम है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट को भी खारिज करते हुए कहा कि ऑनलाइन प्रसारित हो रही तस्वीरें 'मॉर्फ्ड' हैं और संगठन की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं. हालांकि, संगठन ने पाकिस्तान से अपने कथित संबंधों, भर्ती प्रक्रिया या संपादकीय नीतियों से जुड़े सवालों का सीधे जवाब नहीं दिया.
यूट्यूब और वेबसाइट की कवरेज में अंतर
ह्यूमन ऑनलाइन का यूट्यूब चैनल उसकी वेबसाइट से अलग तस्वीर पेश करता है. यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो पूरी तरह भारत और पाकिस्तान पर केंद्रित हैं, जबकि वेबसाइट पर अलग-अलग तरह की खबरें प्रकाशित की जाती हैं और इनमें कोई स्पष्ट पक्षपात नजर नहीं आता. Human Online के संस्थापक मोहम्मद जहांगीर ePage Global में जनरल मैनेजर भी हैं. ePage Global एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी है, जिसने Human Online की वेबसाइट विकसित की है. यह कंपनी मुख्य रूप से सऊदी बाजार में काम करती है. इसके सऊदी अरब और दुबई में कार्यालय हैं, जबकि हैदराबाद में तकनीकी कार्यालय है.
इंडिया टुडे को ह्यूमन ऑनलाइन की जम्मू-कश्मीर से जुड़ी कवरेज में 'India-occupied Kashmir' और 'Azad Kashmir' जैसे शब्दों के इस्तेमाल के भी कई मामले मिले.
रिपोर्टर गरिमा को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत गरिमा नाम से रिपोर्टिंग करने वाली रिपोर्टर से हुई. उनका सबसे पहला इंस्टाग्राम पोस्ट 12 सितंबर 2024 का है. वह अपनी सहज और आत्मविश्वास से भरी रिपोर्टिंग शैली और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ के चलते वायरल हुईं. शुरुआती वीडियो में भी गरिमा कैमरे के सामने सहज नजर आईं और सरकारी नीतियों और फैसलों को लेकर लगातार सवाल उठाती दिखीं. उनकी रिपोर्टिंग में पशु क्रूरता, महिलाओं के अधिकार और दिन की बड़ी खबरों समेत कई मुद्दे शामिल रहे.
ह्यूमन ऑनलाइन के साथ उनकी पहली पोस्ट करीब पांच हफ्ते पहले सितंबर में सामने आई. इसके बाद उनके इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर संगठन के साथ ग्राउंड रिपोर्ट, इंटरव्यू और कार्यक्रमों की कवरेज लगातार दिखाई देने लगी. उन्होंने 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में हुए BRICS कार्यक्रम को भी कवर किया और Human Online के लिए इंटरव्यू किए. हालांकि, हालिया CJP प्रदर्शनों की उनकी रिपोर्टिंग सबसे ज्यादा चर्चा में आई और उनके वीडियो को लाखों व्यूज मिले.
इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने ह्यूमन ऑनलाइन के कथित पाकिस्तान कनेक्शन पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. वायरल स्क्रीनशॉट में संगठन के फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट्स पर पाकिस्तान को बेस बताया गया था. बाद में इन लोकेशन डिटेल्स में बदलाव किए गए, जिससे संगठन के शुरुआती आधार को लेकर और सवाल उठे.
बांग्लादेश के लोगों की भी भर्ती
ह्यूमन ऑनलाइन की 'ग्लोबल कंट्रीब्यूटर प्रोग्राम' के तहत भर्ती पोस्ट भी सामने आई है. इसमें बांग्लादेश, फिलीपींस और अमेरिका के रिपोर्टर्स और पत्रकारों के लिए वॉलंटियर अवसरों का विज्ञापन किया गया था. संगठन ने इस भर्ती के लिए आवेदकों के पास अपना स्थापित पाठक वर्ग और एक या अधिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मजबूत डिजिटल मौजूदगी होने को महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया था.
आकाश शर्मा / बिदिशा साहा