दिल्ली में करीब 700 करोड़ रुपये के कथित मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में कथित मास्टरमाइंड में शामिल बताए जा रहे 50 वर्षीय राजीव रंगीला को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, रंगीला ने ACB के सामने सरेंडर किया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई.
राजीव रंगीला मेडिकल उपकरणों का बड़ा सप्लायर और फार्मास्युटिकल कारोबारी बताया जाता है. यह मामला सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) से जुड़ी कथित खरीद अनियमितताओं का है.
जुलाई में पूछताछ के लिए भेजा था नोटिस
ACB ने इस साल जुलाई में राजीव रंगीला को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था. अधिकारियों के मुताबिक, उसे कई बार जांच में शामिल होने के लिए कहा गया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ. इसके बाद जांच एजेंसी ने उसकी तलाश शुरू कर दी. रंगीला की तलाश में दिल्ली-NCR के अलावा उत्तराखंड में भी छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया गया. जांच के दौरान ACB को उसकी दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में संपत्तियों की जानकारी भी मिली.
जांच एजेंसी के मुताबिक, रंगीला राजनीति में भी किस्मत आजमा चुका है. उसने 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, हालांकि उसे हार का सामना करना पड़ा था.
इसी साल मई में सामने आया था मामला
करीब 700 करोड़ रुपये की कथित खरीद अनियमितताओं का यह मामला इसी साल मई में सामने आया था. विजिलेंस विभाग को शिकायतें मिलने के बाद CPA के दफ्तरों पर छापेमारी की गई थी. CPA दिल्ली सरकार के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए दवाइयों, वैक्सीन और मेडिकल उपकरणों की खरीद और सप्लाई करने वाली नोडल एजेंसी है. जांच के दौरान राजीव रंगीला की कथित भूमिका सामने आने के बाद एजेंसी ने उसे मामले के 'मुख्य लाभार्थियों' में शामिल बताया.
नौकर और चाय बेचने वालों के नाम पर कंपनियां बनाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रंगीला पर फर्जी कंपनियां और फर्में खड़ी कर उनके जरिए खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप है. दावा है कि इन कंपनियों के मालिक के तौर पर ऐसे लोगों के नाम इस्तेमाल किए गए, जिनका वास्तव में इनके संचालन से कोई संबंध नहीं था. एजेंसी का आरोप है कि कथित फर्जी कंपनियों और फर्मों के मालिक के तौर पर रंगीला के नौकरों और यहां तक कि चाय बेचने वाले लोगों के नाम का भी इस्तेमाल किया गया.
ACB अब रंगीला से कथित खरीद घोटाले, कंपनियों के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है. जांच एजेंसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है.
अरविंद ओझा