दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया. तीनों मुंबई से दिल्ली आ रहे थे. उनकी फ्लाइट उतरते ही पुलिस टीम प्लेन के अंदर पहुंच गई. इसके बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस ने यह कार्रवाई CJP के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले की है.
दरअसल, एयर इंडिया की फ्लाइट के दिल्ली में उतरने के कुछ ही मिनट बाद पुलिसकर्मी प्लेन के अंदर पहुंचे. पुलिस टीम में ज्यादातर महिला पुलिसकर्मी थीं. उस समय विमान में दूसरे यात्री भी मौजूद थे. यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठे रहने के लिए कहा गया.
इस दौरान अभिजीत दिपके पुलिसकर्मियों से कहते नजर आए कि वह गिरफ्तार होने के लिए ही दिल्ली आए हैं. उन्होंने कहा कि वह पुलिस से डरते नहीं हैं. प्लेन में मौजूद कुछ यात्रियों ने इस कार्रवाई के वीडियो भी बनाए.
प्लेन से डिटेन कर तीनों CJP नेताओं को बस में बैठाया
पुलिस ने तीनों नेताओं को प्लेन के अंदर से हिरासत में लिया. इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट परिसर में खड़ी एक बस में बैठाकर ले जाया गया. उस समय एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान भी बड़ी संख्या में तैनात थे. पुलिस ने यह कार्रवाई एहतियातन हिरासत के तौर पर की. पुलिस ने जुलाई में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित तोड़फोड़ की घटनाओं का हवाला दिया. हालांकि, CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
दिपके बोले-हम गिरफ्तारी से नहीं डरते
हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उन्हें और उनके साथियों को प्लेन के अंदर से हिरासत में ले रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहती थी, लेकिन नेताओं को अपराधियों की तरह पकड़ा जा रहा है.
CJP ने इस कार्रवाई की निंदा की है. पार्टी ने इसे मनमाना कदम बताया और कहा कि इससे उसके नेताओं की आवाजाही की आजादी प्रभावित हुई है. पार्टी ने तीनों नेताओं को तुरंत रिहा करने की मांग भी की है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर करने वाले थे प्रदर्शन
दरअसल, CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है. उसका आरोप है कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ियां हुई हैं. पार्टी इस प्रक्रिया को रोकने या चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए निष्पक्ष व्यवस्था बनाने की मांग भी कर रही है.
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी. इसके बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई. कई जगह बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. पुलिस का कहना है कि ये कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं. वहीं, CJP ने प्रदर्शन के अधिकार पर रोक लगाने का आरोप लगाया है.
मुस्तफा शेख