कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क बंद, आज CJP के 'तिरंगा मार्च' से पहले गरमाया माहौल, दिपके बोले- अंडरकवर पुलिस ने मुझे घेरा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की 16 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले दिल्ली में हलचल तेज हो गई है. NDMC ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील की है और निषेधाज्ञा का हवाला दिया. है. ट्रैफिक पुलिस ने भी कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताते हुए एडवाइजरी जारी की है.

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अभिजीत दिपके ने लोगों से शुक्रवार शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है. (File Photo- PTI) अभिजीत दिपके ने लोगों से शुक्रवार शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है. (File Photo- PTI)

सुशांत मेहरा / अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 15 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:41 AM IST

कॉकरोच जनता पार्टी की आज 16 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले दिल्ली का माहौल एक बार फिर गरमा गया है. NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है. 

दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वहां नहीं आने की अपील की है. हालांकि, पुलिस ने कहा है कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए एक छोटे समूह को अनुमति दी जा सकती है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस कोई निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं है और इलाके में निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू है. 

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इस बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि जिस जगह वह ठहरे हुए हैं, वहां चारों तरफ अंडरकवर पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर रखी है.  दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह आरोप लगाया. उन्होंने लिखा कि उनके ठहरने की जगह को अंडरकवर पुलिसकर्मियों ने चारों तरफ से घेर रखा है. उनके मुताबिक, पुलिसकर्मी लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और सफेद स्कॉर्पियो भी हर जगह उनके पीछे आ रही है.

दरअसल, अभिजीत दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे सेंट्रल पार्क में तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है. उन्होंने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से वैचारिक मतभेद भुलाकर मतदान के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है. इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के इंतजाम बढ़ाए गए हैं.

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इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आज 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में CJP के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आयोजकों को सेंट्रल पार्क में कार्यक्रम करने की स्वतः अनुमति मिल गई है. 

सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद

सीजेपी के मार्च से ऐन पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 15 अक्टूबर को नोटिस जारी कर कहा कि प्रशासनिक कारणों से कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क दो दिन आम जनता के लिए बंद रहेगा. यह फैसला सीजेपी की तिरंगा यात्रा के ऐलान के बीच आया है. दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में धारा 163 का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर का निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाए जाने के बाद लोग रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान या CBD मैदान में जरूरी अनुमति लेकर प्रदर्शन कर सकते हैं. पुलिस ने यह भी कहा कि कनॉट प्लेस के व्यापारिक संगठनों ने त्योहारों के मौसम में बाजार और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है. इसी वजह से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं.

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कई रास्तों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

CJP के मार्च के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी एडवाइजरी जारी की है. कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण शुक्रवार दोपहर 3 बजे से नई दिल्ली की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है. ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर रास्तों में बदलाव भी किया जा सकता है. वाहन चालकों से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, शहीद भगत सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, बसंत लेन, चेल्म्सफोर्ड रोड, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग और जनपथ पर यातायात प्रभावित हो सकता है. इसके अलावा रेल भवन के आसपास के मार्ग, रफी मार्ग, सी-हेक्सागन, पटेल चौक, मंडी हाउस, विंडसर प्लेस, गोल डाकखाना और अशोक रोड पर भी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 

अशोक रोड पर जीपीओ से सी-हेक्सागन तक यातायात प्रभावित रहने की आशंका है. तिलक मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग और सिकंदरा रोड पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में इन रास्तों से गुजरने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

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तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं: दिपके 

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से तिरंगा लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को तिरंगा लहराने के कारण गिरफ्तार किया गया. दिपके ने कहा कि वह लोगों के साथ तिरंगा लहराकर यह संदेश देना चाहते हैं कि राष्ट्रीय ध्वज फहराना कोई अपराध नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के बाद उन्हें जेल भेजा जाता है तो भी वह इससे पीछे नहीं हटेंगे.

CJP ने दिल्ली में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मुहिम के समर्थन में लोगों से आगे आने की अपील की. इसमें AISA, SFI और AISF जैसे छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज और निखिल डे समेत कई लोग शामिल हुए.

प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई नागरिक समाज और युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी. वहीं, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कही. संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है. हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष यहां उपलब्ध नहीं है.

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जंतर-मंतर से शुरू हुआ विवाद, दो नेता तिहाड़ में

गौरतलब है कि CJP का विरोध प्रदर्शन अक्टूबर की शुरुआत में मुंबई से शुरू हुआ था. संगठन ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बीच दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया.

इसके बाद गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर का निर्धारित प्रदर्शन स्थल का दर्जा वापस ले लिया. CJP ने फैसले का विरोध करते हुए वहां दोबारा पहुंचने की कोशिश की. 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और संगठन के अन्य सदस्य तिरंगा लेकर बैरिकेडिंग के बीच जंतर-मंतर पहुंचे. बाद में सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

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