'बच्चों के हाथों में थमा दी गई थीं बंदूकें', छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर अमित शाह का बड़ा बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद से मुक्त होने की घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश अब विकास और सुशासन के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को सराहा.

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गृह मंत्री ने कहा कि 3 नवंबर का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सिद्धि और संकल्प का है. (फाइल फोटो) गृह मंत्री ने कहा कि 3 नवंबर का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सिद्धि और संकल्प का है. (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:58 AM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर अब विकास और सुशासन के नए दौर में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इसके लिए प्रदेश वासियों और खासकर आदिवासी समाज को बधाई दी.  

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उन्होंने कहा, 'मोदी सरकार में छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त हुआ. अब छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहा है.'

अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि साल 2000 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया था. उन्होंने कहा, 'उस समय इस क्षेत्र का विकास रुका हुआ थ. अटल जी ने इस राज्य को बनाया और प्रधानमंत्री मोदी ने इसे संवारने का काम किया.'

'छत्तीसगढ़ विकास के रास्ते पर बढ़ा'

छत्तीसगढ़ के नक्सलमुक्त होने पर उन्होंने प्रदेशवासियों, आदिवासी समुदाय सभी को शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा, 'नक्सलवाद से मुक्त होकर छत्तीसगढ़ अब विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.'

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उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ की धरती को हिंसा का गढ़ बना दिया था. उन्होंने कहा कि यहां सांस्कृतिक विरासत और विकास की पहचान होनी चाहिए. उन्होंने कहा जिन जंगलों में महुआ तेंदूपत्ता और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई. बच्चों के हाथों में किताबों की जगह बंदूकें थमा दी गई. स्कूलों को बम से उड़ाया गया और विकास के लिए सड़कें बनाने वालों पर हमले किए गए.

गृह मंत्री ने कहा कि 3 नवंबर का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सिद्धि और संकल्प का है. उन्होंने कहा, 'गौरव अटल जी की विरासत का, सिद्धि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और भारत के संकल्प को पूरा करने की और संकल्प प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है.'

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