'मिट्टी में मिला देंगे', बिहार BJP चीफ ने नीतीश को 'योगी स्टाइल' में दी चेतावनी

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी के विधायकों के कंधे पर चढ़कर नीतीश कुमार 5 दफे मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धोखा देने का काम किया. सम्राट चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी ने नीतीश कुमार पर भरोसा किया था, जब बिहार की जनता नीतीश कुमार को खारिज कर चुकी थी.

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सम्राट चौधरी (फाइल फोटो) सम्राट चौधरी (फाइल फोटो)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 23 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST

अतीक अहमद की हत्या के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का 'मिट्टी में मिला देने' वाला बयान इन दिनों लगातार चर्चा में है. उनका ये बयान अब बिहार की सियासत में गूंजने लगा है. योगी स्टाइल में बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को चेतावनी दी है. सम्राट चौधरी ने खुले मंच से कहा है कि बिहार में 2024 और 2025 में नीतीश कुमार राजनीतिक तौर पर मिट्टी में मिला देना है.

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दरअसल बिहार बीजेपी की तरफ से शनिवार को पटना में भामाशाह की जयंती समारोह का आयोजन किया गया था. इस दौरान प्रदेश बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए खुले मंच से नीतीश कुमार को मिट्टी में मिला देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सबसे बड़े पलटीबाज नेता हैं.

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी के विधायकों के कंधे पर चढ़कर नीतीश कुमार 5 दफे मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धोखा देने का काम किया. पीएम मोदी ने नीतीश कुमार पर भरोसा किया था, जब बिहार की जनता नीतीश कुमार को खारिज कर चुकी थी उसके बावजूद पीएम मोदी ने अपना वादा निभाया और नीतीश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया. लेकिन नीतीश ने अब अगर पलटी मारी है तो बीजेपी के तमाम नेताओं कार्यकर्ताओं को यह संकल्प लेना होगा कि 2024 और 2025 के चुनाव में नीतीश को राजनीतिक तौर पर मिट्टी में मिला दिया जाए.

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'अगर BJP का समर्थन नहीं होता तो...'

सम्राट चौधरी केवल नीतीश कुमार पर ही नहीं बरसे, उनके निशाने पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी रहे. उन्होंने लालू यादव के राजनीतिक के जन्म के पीछे बीजेपी का समर्थन बताया. सम्राट ने कहा कि बीजेपी के 34 विधायकों के समर्थन से लालू यादव पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, अगर बीजेपी का समर्थन नहीं होता तो लालू यादव की राजनीतिक उत्पत्ति नहीं होती. लालू प्रसाद यादव बिहार में गरीबों का मसीहा होने का दावा करते रहे, जबकि हकीकत यह है कि बीजेपी अगर साथ नहीं रहती तो लालू का राजनीतिक जन्म नहीं हो पाता. जाहिर है सम्राट के इससे ताजा बयान से यूपी की तर्ज पर बिहार में मिट्टी में मिला देने वाली राजनीति आने वाले वक्त में गरम होगी.

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