World stroke day: देर रात खाना बढ़ा सकता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, क्यों होता है ऐसा? डॉक्टर ने बताया 

देर रात खाना और आधी रात के स्नैक्स की आदत ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकती है. देर रात भोजन करने से सर्केडियन रिदम पर असर होता है, जिससे सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी का रिस्क 28 प्रतिशत तक बढ़ जाता है.

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ब्रेन स्ट्रोक एक खतरनाक बीमारी है ब्रेन स्ट्रोक एक खतरनाक बीमारी है

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:22 PM IST

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में देर रात खाना खाना और आधी रात को स्नैक्स की आदत आम बात है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका असर आपके ब्रेन पर भी पड़ सकता है. ये ब्रेन स्ट्रोक के रिस्क से भी जुड़ा है. 29 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व स्ट्रोक दिवस पर इसको समझना जरूरी है. डॉक्टर का कहना है कि रोजमर्रा की खराब आदतें, देरी से खाना और कम नींद भी ब्रेन हेल्थ को खराब करती है.

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मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सोनिया लाल गुप्ता ने इस बारे में बताया है. वह कहती हैं कि हमारे शरीर में सर्केडियन रिदम होती है, यह नींद, हार्मोन, बीपी को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती है. जब कोई व्यक्ति देर रात या बार-बार भोजन करता है तो सोने-जागने का समय बदल जाता है. इससे सर्केडियन रिदम पर असर पड़ता है.

नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित एक रिसर्च में भी इस बात का जिक्र किया गया है. इसमें एक लाख से अधिक लोगों पर रिसर्च की गई है. इसमें रात 10 बजे के बाद भोजन करने वाले लोगों में रात 8 बजे से पहले भोजन करने वालों की तुलना में सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी का रिस्क 28 फीसदी ज्यादा पाया गया है. सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारी के कारण ही ब्रेन स्ट्रोक आता है. रिसर्च से ये साफ होता है कि देरी से खाना और नींद पूरी न होना ब्रेन हेल्थ को खराब करता है. ऐसे में ये जरूरी है कि आप अपने खाने के समय को सुधारें. 

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भोजन का समय कैसे सुधारें?

स्वस्थ रहने के लिए भोजन का समय सही रखना और सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचना जरूरी है. रात का खाना ऐसा समय में खाएं, जिससे सोने से पहले भोजन पचाने के लिए समय मिल सके. हालांकि, ऐसा कोई एक निश्चित समय नहीं है, जो स्ट्रोक से बचाव की गारंटी देता हो, लेकिन फिर भी आपको रात 10 बजे के बाद भारी खाना खाने से बचना चाहिए. खासतौर पर चिप्स, बर्गर, रेड मीट और मैदा से बनी चीजों को रात में खाने से बचें. 

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स्ट्रोक के लक्षण पहचानना बेहद जरूरी

खानपान में सुधार के साथ ब्लड प्रेशर की जांच भी जरूरी है. अगर बीपी कंट्रोल रहेगा तो ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क भी कम होगा. इसके साथ ये भी जरूरी है कि आपको ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों का पता हो.  चेहरे का अचानक एक तरफ झुकना, शरीर के एक तरफ कमजोरी आना.  सुन्नपन, बोलने में परेशानी, अचानक दिखाई देना कम होना ये सब ही ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं. अगर ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो आपको बिना देरी किए अस्पताल जाना चाहिए. 
 

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