किसी महिला पर अंडे फेंकते और इसके बाद “जय श्री राम” का नारा लगाते कुछ लोगों का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसे शेयर करने वाले कुछ लोगों का दावा है कि ये घटना उत्तर प्रदेश की है, जहां दलित समुदाय से आने वाली एक शिक्षिका पर अंडे फेंके गए.
ऐसे ही एक फेसबुक पोस्ट को 30 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. वीडियो के अलावा लोग एक पोस्टकार्ड भी शेयर कर रहे हैं, जिसमें इस महिला की तस्वीर लगी हुई है, और इस पर लिखा है, “उत्तर प्रदेशः दलित शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार का मामला. दलित शिक्षिका पर अंडे फेंके ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए. न्याय की मांग, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो उत्तर प्रदेश का है, और न ही ये महिला कोई टीचर है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर ये क्लिप हमें न्यूज प्लेटफॉर्म ‘पब्लिक ऐप’ पर मिली. खबर के मुताबिक, ये वीडियो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित माटीगारा का है, जहां एक नंबर पंचायत की डिप्टी प्रधान रेखा मल्लिक पर अंडे फेंके गए थे.
इस जानकारी की मदद से सर्च करने पर हमें ‘द सिलीगुड़ी टुडे’, ‘सिलीगुड़ी लाइव’ जैसे फेसबुक पेजों पर ये वीडियो मिला. इन पोस्ट्स में कहीं भी रेखा मल्लिक को शिक्षिका नहीं बताया गया है.
वहीं एक वीडियो में महिला किसी अस्पताल से आपबीती सुनाती नजर आ रही है. रेखा कहती हैं, “आज बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने मेरे ऊपर हमला किया है. मुझे इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. मैं उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाऊंगी.”
पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस के फेसबुक पेज पर 20 सितंबर के एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया गया कि रेखा मल्लिक की शिकायत के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की. यूथ कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने रेखा से मुलाकात भी की थी.
ज्यादा जानकारी के लिए हमने आजतक के सिलीगुड़ी संवाददाता अंशुमान चक्रवर्ती से बात की. उन्होंने बताया कि रेखा मल्लिक कोई टीचर नहीं, बल्कि माटीगारा 1 नंबर पंचायत की डिप्टी प्रधान हैं.
इसके बाद आजतक फैक्ट चेक ने रेखा मल्लिक से भी बात की. उन्होंने बताया कि ये बात सच है कि वो दलित समुदाय से आती हैं, और उनके खिलाफ जातिवादी टिप्पणी भी की गई थी. लेकिन उनका साफ कहना था कि वो न तो कभी टीचर रही हैं, और न ही इस घटना का उत्तर प्रदेश से कोई लेना-देना है.
आगे उन्होंने कहा कि 4 मई को जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, उसके बाद से बीजेपी की तरफ से पंचायत प्रधान और उनके ऊपर लगातार इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा था. लेकिन तृणमूल कांग्रेस की टिकट से जीतने वाली रेखा ने इस्तीफा नहीं दिया.
उनके मुताबिक, 15 सितंबर को जब पंचायत में बोर्ड मीटिंग चल रही थी, तब बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता वहां आ गए और दोबारा इस्तीफे की मांग की, और सहमत न होने पर उनके ऊपर अंडे फेंके गए. उनका आरोप है कि वो पुलिस के पास शिकायत लेकर गई थीं, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया.
रेखा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर भी एक वीडियो के जरिए वायरल हो रहे वीडियो पर सफाई दी.
साफ है कि वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे एकदम गलत हैं.
ऋद्धीश दत्ता