फैक्ट चेक: जंतर मंतर पर महिलाओं के साथ पुलिस बर्बरता की वायरल तस्वीरें असली नहीं, AI जनरेटेड हैं

महिलाओं के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता के दावे के साथ कई AI जेनरेटेड तस्वीरें वायरल हो रही हैं. आजतक फैक्ट चेक की रिपोर्ट. 

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
जंतर मंतर की ये तस्वीर दिखाती है कि दिल्ली पुलिस ने किस तरह महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की.
सच्चाई
दिल्ली पुलिस के खिलाफ वाकई ऐसे आरोप लगे हैं. लेकिन ये तस्वीर AI से बनी है.

ऋद्धीश दत्ता

  • कोलकाता,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:16 PM IST

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने जिस प्रदर्शन का आह्वान किया था, उसमें शामिल होने से पहले ही हजारों समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. इस दौरान दिल्ली पुलिस पर महिला प्रदर्शकारियों और पत्रकारों के साथ बदसलूकी के कई आरोप भी लगे.     

इसी संदर्भ में अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को आपत्तिजनक तरीके से पकड़ा और घसीटा.  पहली तस्वीर में एक पुलिसकर्मी, एक महिला को पैर पकड़ पर घसीटता हुआ दिख रहा है. कैप्शन में लिखा है, 'दिल्ली में हद पार हो गई महिलाओं के साथ अत्याचार.'

Advertisement
(Photo- ITGD)

दूसरी तस्वीर में किसी बस के अंदर का नजारा देखा जा सकता है जहां दो पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी एक महिला को आपत्तिजनक तरीके से खींच रहे हैं. इसे पोस्ट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, 'देखिए दिल्ली पुलिस के बेशर्मी. ये तस्वीर जंतर मंतर का बताया जा रहा है.'

(Photo- ITGD)

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों फोटो असली नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से बनाई गई हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल तस्वीरों को ध्यान से देखने पर इन दोनों फोटो में पीड़ित महिला एक जैसी दिखती है. किसी प्रदर्शन के दौरान बीच में उसी महिला के कपड़े बदल जाना विश्वसनीय नहीं लगता.
इसके बाद इन दोनों तस्वीरों को हमने OpenAI के वेरिफाई टूल की मदद से जांचा. इस टूल ने साफ बताया कि दोनों फोटो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बनाई गई हैं. 

Advertisement
(Photo- ITGD)

वायरल तस्वीरें भले ही झूठी हों, लेकिन 10 अक्टूबर के आंदोलन के दौरान पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी के आरोप जरूर लगे हैं. यहां तक कि CRPF के एक असिस्टेंट कमांडेंट ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया. राहुल सोलंकी नाम के इस कमांडेंट ने राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और दिल्ली पुलिस आयुक्त से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

इसी के साथ 10 अक्टूबर को पुलिस पर महिला पत्रकारों के साथ भी मारपीट करने का आरोप लगा है. 13 अक्टूबर को एक सुनवाई के दौरान इस कथित मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख  अपनाते हुए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इन आरोपों का स्पष्टीकरण देने को कहा है.

कुल मिलाकर बात साफ है कि हालांकि पुलिस के खिलाफ सच में महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के आरोप लगे हैं, लेकिन ये तस्वीरें एआई से बनी हैं.

---- समाप्त ----

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »