अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद के जनाजे के बाद से ही सोशल मीडिया पर उसके बड़े भाई अली अहमद के नाम से एक बयान वायरल हो रहा है. कई सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अपने भाई को खोने के बाद अली अहमद ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि जो हो गया सो हो गया, अब उसे और न सताया जाए.
गैंगस्टर अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त को एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी. जिस वक्त ये हादसा हुआ, अबान, झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था.
कई लोग वायरल पोस्ट वाले इस बयान को अली अहमद का हालिया बयान समझ रहे हैं.
मिसाल के तौर पर, एक एक्स यूजर ने पुलिस की गाड़ी में बैठे हुए अली अहमद की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "भाई के क्रियाकर्म के बाद अली अहमद को झाँसी जेल में ले जाया गया! अली अहमद ने सीएम योगी से गुहार लगाई जो हो गया सो हो गया अब और ना सताया जाए?”
आगे यूजर ने लिखा, “अली अहमद ने अपनी जान को भी खतरा बताया! ऐसे ही अतीक अहमद ने जेल जाते ही कहा मिट्टी में तो मिल चुके हैं अब और ना मिलाया जाए! इसे कानून का राज कहें या नफरत की राजनीति! अतीक अहमद के पांच लड़कों में आज सिर्फ तीन बचे हैं पत्नी का कोई पता नहीं कहां है?"
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अक्टूबर, 2025 का है. उस वक्त अली ने प्रयागराज जेल से झांसी की जेल में शिफ्ट किए जाने पर ये बात कही थी. हाल ही में जब वो अपने छोटे भाई अबान के जनाजे पर पहुंचे, तो उन्होंने न तो मीडिया से बात की, न ही ऐसा कोई बयान दिया.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर ये हमें 2 अक्टूबर, 2025 की यूपी तक की एक वीडियो रिपोर्ट में मिला. ये रिपोर्ट अली अहमद को प्रयागराज जेल से झांसी जेल में शिफ्ट किए जाने के बारे में है. दरअसल, उस वक्त प्रयागराज जेल में अली अहमद की बैरक से लगभग 1100 रुपये कैश बरामद हुआ था जिसके बाद 1 अक्टूबर को ये कार्रवाई की गई थी. वीडियो में अली, मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहते हैं, "जेल में मैं जिस जगह था, अपने होम डिस्ट्रिक्ट में, वहां मुझे अकेले रखा गया, न किसी से मिलने की अनुमति थी, न बात करने की अनुमति थी. अब बताइये भेज दिया गया वहां से 400-500 किलोमीटर दूर."
वहीं, जब पत्रकार उससे सवाल पूछते हैं कि वकीलों के वेश में उससे कई लोग मिलने क्यों आते थे, तो वो कहता है कि वकीलों का वकालतनामा चेक करके ही उन्हें कैदियों से मुलाकात की अनुमति दी जाती थी.
खबरों के मुताबिक अबान के जनाजे में तकरीबन 5 से 7 हजार लोगों की भीड़ उमड़ी थी.
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए जेल में बंद अतीक अहमद के बेटों उमर और अली अहमद की पेरोल को 7 अगस्त को मंजूरी दी थी. उमर लखनऊ जेल में और अली झांसी जेल में बंद है. साथ ही, कोर्ट ने दोनों को सख्त हिदायत दी थी कि इस दौरान दोनों भाई मीडिया से बात नहीं करेंगे. वो पुलिस के साथ सीधे कब्रिस्तान जाएंगे और वहां से जेल वापस जाएंगे.
8 अगस्त को प्रयागराज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में 21 वर्षीय अबान अहमद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया. उनके भाई अली अहमद और उमर अहमद को कड़ी पुलिस सुरक्षा के साथ यहां लाया गया. खबरों के मुताबिक, अबान, अली का सबसे दुलारा भाई था जो उससे अक्सर जेल मिलने जाता था. अली उसे अंतिम विदाई देते समय फूट-फूट कर रोया. जब अली प्रयागराज से लौटकर झांसी जेल पहुंचा, तो वहां मौजूद मीडियाकर्मी उससे सवाल पूछने लगे. इस पर वो कुछ नहीं बोला और उसने सिर्फ अपना हाथ दिखाकर इशारा भर किया.
दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, जब अली परिजनों से मिलकर लौटने लगा, तो उनसे बोला, "मैं वापस आऊंगा".
साफ है, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते अली अहमद के पुराने वीडियो को अबान की मौत के बाद का वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा है.
फैक्ट चेक ब्यूरो