दिल्ली में कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 21 सितंबर को एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद से राजधानी में महिला सुरक्षा पर कई सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर के अंदर एक दलित लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया है.
इस वीडियो में अलग-अलग तीन क्लिप हैं. पहली क्लिप में एक लड़की बेहोशी की हालत में किसी महिला से लिपटी हुई नजर आ रही है, और वो महिला जोर-जोर से रो रही है.
इसके बाद वीडियो में एक दूसरी लड़की मीडिया से बात करते हुई कहती है कि अयोध्या के राम मंदिर में दलित महिला के साथ दुष्कर्म हुआ. वहीं वीडियो के आखिरी फ्रेम में पीयूष मिश्रा और शुभम मिश्रा नाम के दो शख्स की फोटो दिखाई देती है, जिन्हें इस कथित रेप केस का आरोपी बताया गया है.
इस वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “राम मंदिर के अंदर दलित महिला के साथ बलात्कार! जब मंदिरों में ये हो सकता है तो बाहर लड़कियां कैसे सुरक्षित रहेंगी!”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दावा भ्रामक है. वायरल वीडियो में तीन अलग-अलग घटनाओं के क्लिप जोड़े गए हैं, जिनका आपस में कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
रिवर्स सर्च के जरिए पहली क्लिप हमें मार्च के कई इंस्टाग्राम पोस्ट में मिली. ऐसे ही एक पोस्ट के मुताबिक ये घटना उत्तराखंड के हल्द्वानी की है, जहां दीक्षा पलरिया नाम की एक लड़की अपने ससुराल वालों के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बुद्ध पार्क में धरने पर बैठ गई थी.
उत्तराखंड न्यूज समेत उत्तराखंड से जुड़े तमाम सोशल मीडिया पेज ने उस वक्त इसे शेयर किया था. इनके मुताबिक, धरने के दौरान अचानक दीक्षा की तबीयत खराब हो गई थी. दीक्षा के परिवार के लोग कोतवाली पहुंचकर इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे, और बाद में दीक्षा को अस्पताल ले जाया गया. इससे साफ हो जाता है कि किसी भी रेप की घटना से इस वीडियो का कोई संबंध नहीं है.
वहीं दूसरी क्लिप में जो लड़की नजर आ रही है, रिवर्स सर्च के जरिए हमें उसके कई दूसरे वीडियो मिले. इनमें उसने एक जैसे कपड़े पहने हुए हैं, और वीडियो भी उसी जगह का है. तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने दिसंबर 2025 में इस लड़की के अलग-अलग वीडियो शेयर किए थे, जिनके मुताबिक उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई प्रदर्शन हुए थे. उन्हीं प्रदर्शनों में से एक के दौरान इस लड़की ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर निशाना साधा था.
हालांकि वायरल वीडियो में लड़की, रेप से संबंधित जो बात करती है, उसका असली वर्जन हमें नहीं मिला, लेकिन इतना साफ है कि ये वीडियो कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई जमानत के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान का था. इस अंतरिम जमानत को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
वायरल वीडियो के आखिरी फ्रेम में मौजूद पीयूष मिश्रा और शुभम मिश्रा नाम के दो आरोपियों के बारे में कीवर्ड सर्च करने पर हमें नवंबर 2025 की ‘अमर उजाला’ की एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में रहने वाली 15 साल की एक दलित लड़की को कुछ युवकों ने बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था. इस मामले में पुलिस ने पीयूष शुक्ला और शुभम मिश्रा नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया था.
हालांकि ये सच है कि फरवरी 2025 में अयोध्या में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने का मामला सामने आया था. 2024 के अगस्त में भी अयोध्या में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था.
लेकिन एक बात साफ है कि वायरल हो रहे वीडियो का न तो अयोध्या या किसी राम मंदिर से कोई संबंध है, और न ही किसी दलित महिला के साथ हुए दुष्कर्म से इसका कोई लेना-देना है.
ऋद्धीश दत्ता