कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए थे. इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हुए हमले में दिल्ली पुलिस के एक जवान की मौत हो गई है.
श्रद्धांजलि वाले एक पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “20 जुलाई को नीलचीट्टो और केजरीवाल के गुंडों द्वारा किए गए प्रदर्शन में पुलिस बल का जवान शहीद हो गया, और तुम बोलते हो कि बेगुनाह पर लाठीचार्ज किया. विनम्र श्रद्धांजलि.”
इस पोस्टकार्ड पर लिखा है, “भावभीनी श्रद्धांजलि. कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले हेड कांस्टेबल अमित जी को भावभीनी श्रद्धांजलि. इस दुख की घड़ी में समस्त दिल्ली पुलिस शोकाकुल परिवार के साथ है. ॐ शांति.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये पोस्टकार्ड तो असली है, लेकिन कैप्शन में किया जा रहा दावा सरासर गलत है. दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमित की मौत 15 जुलाई को ड्यूटी के दौरान हुए एक सड़क हादसे में हुई थी.
कैसे पता की सच्चाई?
वायरल पोस्टकार्ड को गूगल लेंस की मदद से सर्च करने पर ये हमें दिल्ली पुलिस के ऑफिशियल एक्स हैंडल पर मिला. यहां इसे 16 जुलाई को पोस्ट किया गया था. इससे एक बात साफ हो जाती है कि इस जवान की मौत, 20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ में हुई झड़प से संबंधित नहीं हो सकती है.
दिल्ली पुलिस के इस पोस्ट के मुताबिक, हेड कांस्टेबल अमित का निधन सिंघु बॉर्डर पर ड्यूटी करते वक्त एक सड़क दुर्घटना के चलते हुआ था.
कीवर्ड के जरिए सर्च करने पर हमें 16 जुलाई की ‘एनडीटीवी’ और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट्स मिलीं. इनके मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत में रहने वाले हेड कांस्टेबल अमित 15 जुलाई को जब सिंघु बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे, उस वक्त एक तेज रफ्तार में आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी थी. टक्कर के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया था.
इसके बाद अमित को उनके सहकर्मियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अमित की मौत के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, साथ ही टक्कर मारने वाली मारुति सुजुकी बलेनो गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया.
न्यूज एजेंसी IANS ने अमित के भाई का एक वीडियो भी अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया था, जिसमें वो इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते नजर आ रहे हैं.
कुल मिलाकर बात साफ है कि 15 जुलाई को एक सड़क दुर्घटना में हुई हेड कांस्टेबल की मौत को भ्रामक तरीके से सीजेपी के प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है.
ऋद्धीश दत्ता