'अफजल गुरु मेरे सामने था...क्या कर लोगे?' 1 साल में बिखरी राहुल महाजन की जिंदगी, तिहाड़ जेल में देखे बुरे दिन

राहुल महाजन ने एक पॉडकास्ट में जेल के दिनों की यादें साझा कीं. उन्होंने बताया कैसे उन्होंने बुरे दौर में भी खुद को नुकसान नहीं पहुंचाया. राहुल आध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं और लोगों की बातों से प्रभावित नहीं होते.

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राहुल का छलका दर्द (Photo: Instagram @therahulmahajan) राहुल का छलका दर्द (Photo: Instagram @therahulmahajan)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST

रियलिटी शो स्टार राहुल महाजन ने अपनी जिंदगी में काफी कुछ झेला है. पर्दे पर वो भले ही हंसते मुस्कुराते हुए नजर आते हैं. लेकिन रियल लाइफ में उनकी जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से भरी रही. राहुल ने कम उम्र में अपने पिता प्रमोज महाजन को खो दिया था. पिता के निधन के कुछ वक्त बाद उन्हें ड्रग्स ओवरडोज केस में तिहाड़ जेल जाना पड़ा. लव-लाइफ में भी वो लकी नहीं रहे. राहुल की 3 बाद शादी टूटी है. 51 साल के वो हो गए हैं. लेकिन उनकी कोई संतान नहीं है. 

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राहुल ने जेल के दिनों को किया याद
राहुल ने सुभोजीत घोष के पॉडकास्ट में तिहाड़ जेल के दिनों को याद किया. राहुल ने बताया कि पिता को खोने के बाद वो सोचते थे इससे बुरा उनके साथ क्या ही हो सकता है. लेकिन ठीक 1 महीने बाद वो तिहाड़ जेल पहुंच गए थे. उन्हें समझ आया कि कुदरत के पास सारे बाण हैं. वो एक चीज से और बुरा आपको दे सकती है. उस 1 साल में उनकी जिंदगी में काफी कुछ हुआ. पिता को खोया. शादी हुई, तलाक हुआ. इसके बाद वो तिहाड़ जेल भी गए. सारा मैटर 365 दिन में खत्म हुआ. बुरे दौर में भी उन्होंने खुद को कभी नुकसान नहीं पहुंचाया. ना ही खुदकुशी जैसा कदम उठाया. 

राहुल ने कहा- इतना सब होने के बाद मुझे लगा अब और क्या बुरा होगा. तिहाड़ में भी मैंने काफी कुछ झेला. वहां पंखा नहीं था. लेकिन मुझे गर्मी नहीं लगी. मेरी बॉडी ने कहा अब क्या ही कर लोगे. जेल में आतंकवादी अफजल गुरु मुझसे 100 मीटर की दूरी पर था, कर ही क्या लोगे आप? कभी जिंदगी में ये मत कहना है कि ये मेरा रॉक बॉटम है. उसके नीचे पाताल भी होता है. मेरी हालत वैसी हो गई थी. मैं नीचे गिरे ही जा रहा था. राहुल ने बताया कि उनके जेल जाने के बाद भी दोस्तों ने साथ नहीं छोड़ा था. 

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राहुल ने कहा कि वो आध्यात्म से जुड़े हुए हैं. वो खुद को समझने की कोशिश कर रहे हैं. राहुल ने कहा कि वो लोगों की बातों को सुनकर परेशान नहीं होते. वो खुद में बिजी रहते हैं. कोई कुछ भी कहे उन्हें फर्क नहीं पड़ता.

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