दहेज के लिए सास ने जिंदा जलाया, बेटी से किया जुदा! KBC में किस्मत बदलने पहुंची 'बिलासपुर अग्निकांड' की पीड़िता

KBC 18 में कपिला तनेजा ने अपनी जिंदगी का दर्द अमिताभ बच्चन के सामने बयां किया. उन्होंने बताया कि 2002 में ससुराल वालों ने उन्हें जलाने की कोशिश की थी और वह 24 साल से बेटी से दूर हैं.

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कपिल की व्यथा सुन अमिताभ बच्चन हुए भावुक (Photo: Screengrab) कपिल की व्यथा सुन अमिताभ बच्चन हुए भावुक (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:02 PM IST

‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ का मंच सिर्फ सवालों और करोड़ों की रकम जीतने की कहानी नहीं है. कई बार यहां आने वाले कंटेस्टेंट अपनी जिंदगी के ऐसे पन्ने खोल देते हैं, जिन्हें सुनकर पूरा माहौल भावुक हो जाता है. KBC 18 के लेटेस्ट एपिसोड में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आईं कपिला तनेजा की कहानी ने भी कुछ ऐसा ही असर छोड़ा.

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अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठीं कपिला ने अपनी जिंदगी के उस दर्दनाक दौर के बारे में बताया, जब उनके ससुराल वालों ने उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया और जिंदा जलाने की कोशिश की. इतना ही नहीं, इस घटना के बाद कपिला अपनी बेटी से भी अलग हो गईं और पिछले 24 साल से उसे देख नहीं पाई हैं.

शादी के खिलाफ था ससुराल, दहेज को लेकर बढ़ता गया विवाद

कपिला ने बताया कि उनकी शादी परिवार की मर्जी के खिलाफ हुई थी. उनके ससुराल वाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे और उनके मायके से दहेज की उम्मीद कर रहे थे. शादी के बाद हालात बिगड़ते गए और उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी.

कपिला के मुताबिक, साल 2002 में उनके साथ ‘अग्निकांड’ हुआ, जिसमें उनके ससुराल वालों ने उन्हें जलाने की कोशिश की. उन्होंने अमिताभ बच्चन को बताया कि उस वक्त उनकी छोटी बेटी भी थी. घटना इतनी गंभीर थी कि कपिला दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बेहोश रहीं. होश में आने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और फिर उनका इलाज और सर्जरी शुरू हुई.

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जारी किए प्रोमो में कपिला बताती हैं कि सास ने पहले प्रताड़ित करना शुरू किया, फिर उन्होंने सारी प्लानिंग की. वो बोलीं- आखिरकार उन्होंने मुझपर मिट्टी का तेल डालकर मोमबत्ती लगा दी. सर्दियों के दिन थे साड़ी का आंचल पूरा शरीर से चिपक गया. लेकिन किसी तरह से मैंने उसको हटाकर खुद को पानी की टंकी में डुबाया. वहां से फिर मुझे अस्पताल ले जाया गया. 

कपिला की आपबीती सुनकर अमिताभ बच्चन भी भावुक हो गए. वो बोले- आपके साथ जो हुआ उसे अन्याय कहना भी छोटा शब्द होगा. किसी भी महिला के साथ ऐसा होना गलत है.  

24 साल से बेटी की शक्ल नहीं देखी

कपिला की कहानी का सबसे भावुक हिस्सा उनकी बेटी से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनके ससुराल वालों ने उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया. 24 साल गुजर गए, लेकिन वह अपनी बेटी को देख तक नहीं पाई हैं. 

कपिला ने बताया कि उन्हें पड़ोसियों के जरिए पता चला है कि उनकी बेटी अब बड़ी हो चुकी है और नौकरी के लिए किसी दूसरे शहर में चली गई है. बेटी के बारे में बात करते हुए कपिला ने कहा कि वह हर दिन उसके लिए प्रार्थना करती हैं.

अमिताभ बच्चन के सामने यह बात कहते हुए कपिला की आवाज में दर्द साफ महसूस हुआ. एक मां के लिए अपनी बेटी से इतने लंबे समय तक दूर रहना कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अंदाजा उनकी बातों से लगाया जा सकता था.

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घर से निकलना भी हुआ मुश्किल

कपिला फिलहाल होम ट्यूटर के तौर पर काम करती हैं. उन्होंने बताया कि इस दर्दनाक हादसे के बाद उनकी जिंदगी काफी बदल गई और वह अपना ज्यादातर समय घर के अंदर ही बिताती हैं.

लेकिन KBC का मंच उनके लिए सिर्फ पैसे जीतने का मौका नहीं था. वह अपनी जिंदगी को थोड़ा बेहतर बनाने की उम्मीद लेकर यहां पहुंची थीं.

7.5 लाख रुपये जीते, फिर 12वें सवाल पर छोड़ा गेम

गेम की बात करें तो कपिला ने 7.5 लाख रुपये जीते. ‘सुपर संदूक’ में जीती रकम को लाइफलाइन के बदले इस्तेमाल नहीं करने की वजह से उन्हें 90 हजार रुपये का एक्स्ट्रा बोनस भी मिला. इसके बाद 12वें सवाल पर वह अटक गईं. सवाल था-

पश्चिम एशिया के इनमें से किस शहर को 1930 के दशक में ब्रिटिश भारत से अलग किया गया था? ऑप्शन थे- मोसुल, बसरा, जेद्दा और अदन. कपिला जवाब को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं, इसलिए उन्होंने गेम छोड़ने का फैसला किया और 7.5 लाख रुपये लेकर घर लौट गईं.

गेम छोड़ने के बाद अमिताभ बच्चन ने उनसे जवाब का अनुमान लगाने को कहा. कपिला ने मोसुल चुना, लेकिन यह जवाब गलत था. इस सवाल का सही जवाब अदन (Aden) था.

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अब जीती रकम से बदलेंगी जिंदगी

कपिला ने बताया कि वह अपनी जीती हुई रकम का इस्तेमाल कान की सर्जरी कराने में करना चाहती हैं. इसके अलावा उनका एक बड़ा सपना भी है- वह अविवाहित माताओं के लिए एक घर खोलना चाहती हैं, जिन्हें समाज में अक्सर भेदभाव और तानों का सामना करना पड़ता है.

KBC से कपिला सिर्फ पैसे लेकर नहीं लौटीं. वह अपने पुराने दर्द के साथ-साथ एक नई उम्मीद और दूसरों के लिए कुछ करने का सपना भी लेकर गईं.

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