ये थी विनोद खन्ना की आखिरी ख्वाहिश, जो रह गई अधूरी

अभिनेता विनोद खन्ना का निधन हो गया, पर एक ख्वाहिश ऐसी थी जि‍से वो मरने से पहले करना चाहते थे पर पूरी ना कर सके...

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विनोद खन्ना विनोद खन्ना

दीपिका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 29 अप्रैल 2017,
  • अपडेटेड 9:24 AM IST

हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना पाकिस्तान के पेशावर स्थित अपने पुश्तैनी घर को देखना चाहते थे, लेकिन उनकी यह ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी.

विनोद खन्ना का गुरुवार मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था. वह 70 साल के थे. खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में सांस्कृतिक धरोहर परिषद के महासचिव शकील वहीदुल्ला ने 2014 में अपनी भारत यात्रा के दौरान खन्ना से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, अपने ऑटोग्राफ में खन्ना ने पेशावर के लोगों को शुभकामनाएं दी थीं और अपने पुश्तैनी शहर की यात्रा करने की इच्छा जताई थी.

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वहीदुल्ला ने कहा, खन्ना उस इलाके को देखने के लिए पेशावर जाना चाहते थे जहां उनके माता-पिता और पूर्वज रहे थे. उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा करने के लिए आग्रह किया था, लेकिन उनको इसमें सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर परिषद जल्द ही खन्ना के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन करेगा.


जानेमाने फिल्म इतिहासकार मुहम्मद इब्राहीम जिया ने कहा कि पेशावर में खन्ना का पुश्तैनी घर मौजूद है और ऑल पाकिस्तान वूमेंस एसोसिएशन द्वारा इसका इस्तेमाल किया जा रहा है.

विनोद खन्ना का जन्म 7 अक्टूबर, 1946 में पेशावर, पाकिस्तान में हुआ था लेकिन विभाजन के बाद इनका परिवार मुंबई आकर बस गया था. इनके पिता किशनचन्द्र खन्ना एक बिजनेसमैन रहे हैं और माता कमला खन्ना एक हाउसवाइफ रही है.

विनोद खन्ना ने 'मेरे अपने', 'कुर्बानी', 'पूरब और पश्चिम', 'रेशमा और शेरा', 'हाथ की सफाई', 'हेरा फेरी', 'मुकद्दर का सिकंदर' जैसी कई शानदार फिल्में की हैं. विनोद खन्ना का नाम ऐसे एक्टर्स में शुमार था जिन्होंने शुरुआत तो विलेन के किरदार से की थी लेकिन बाद में हीरो बन गए. विनोद खन्ना ने 1971 में सोलो लीड रोल में फिल्म 'हम तुम और वो' में काम किया था.

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