कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके का कहना है कि उन पर शाहरुख खान की फिल्म स्वदेश का खासा असर पड़ा है. वह स्वदेश में शाहरुख की परफॉर्मेंस से बहुत प्रभावित रहे हैं और अमेरिका से भारत लौटने में इस फिल्म का उन पर बहुत गहरा असर है.
दिपके ने 15 अगस्त के दिन महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव में 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन के तहत उन्होंने सरकारी स्कूलों का दौरा किया और छात्रों के लिए पानी की सप्लाई, शौचालय और सीटिंग अरेंजमेंट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की समस्या को उजागर किया.
उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी तस्वीरें शेयर कर कहा कि जैसा कि फातिमा बी ने कावेरी अम्मा से कहा था कि बता देना उस लड़के को अपने ही पानी में पिघल जाना बर्फ का मुकद्दर होता है. स्वदेश देखते हुए बड़ा हुआ. यह फिल्म मेरे भीतर तक उतर गई है. मैं इसे अब तक 100 से ज्यादा बार देख चुका हूं. एक चीज है जिसका मुझ पर गहरा असर है.
दिपके ने पोस्ट में कहा कि मोहन, हरिदास से मिलने जाता है और देखता है कि वह अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी भी नहीं जुटा पा रहा है. वह लौटते वक्त ट्रेन में बैठे-बैठे एक छोटे से बच्चे को स्कूल जाते हुए नहीं बल्कि स्टेशन पर पानी बेचते देखता है. मोहन धीरे से उसी तरह आंसू बहाता है, जैसे मैं बहाता हूं. हर बार. तभी से मेरे दिल के किसी कोने में मेरी इच्छा रही कि मैं अपने गांव के लिए कुछ करूंगा जिस तरह मोहन ने चरणपुर के लिए किया था. मुझे उस समय भी पता था कि मैं किसी न किसी तरह अमेरिका से लौटूंगा और अपने गांव के लिए भी उसी तरह कुछ न कुछ करने का मेरा पास मौका आएगा.
बता दें कि अभिजीत दिपके इस साल छह जून 2026 को अमेरिका से भारत लौटे थे. उन्होंने अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री पूरी की है. सीजेआई द्वारा युवाओं को कथित तौर पर कॉकरोच बोलने के बाद दिपके ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनाई थी और जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट करने के लिए भारत आए थे.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क