महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पान मसाला ब्रांड के सरोगेट विज्ञापन को लेकर एक्टर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को शो-कॉज नोटिस भेजे हैं. नोटिस जारी होने के करीब एक हफ्ते बाद महाराष्ट्र FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ किया है कि उनका मकसद इन बड़े सितारों को पब्लिसिटी के लिए निशाना बनाना नहीं है.
कई लोगों का सवाल था कि FDA ब्रांड बनाने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करने के बजाय सीधे बॉलीवुड सितारों के पीछे क्यों पड़ा है? इस पर मुंढे ने कहा कि ऐसे विज्ञापनों में ब्रांड को प्रमोट करने वाले सेलिब्रिटी की भी जिम्मेदारी तय होती है. यह बात फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (Advertising and Claims) Regulations, 2018 में साफ तौर पर लिखी है.
सेलिब्रिटीज को नोटिस क्यों भेजा गया?
यूट्यूब चैनल पर प्रखर गुप्ता से बातचीत में मुंढे ने बताया कि भेजे गए नोटिस सरोगेट विज्ञापन से जुड़े हैं. उनके मुताबिक, 2018 के Advertising and Claims Regulations के तहत विज्ञापन देने वाले और उसे प्रमोट करने वाले, दोनों की जिम्मेदारी तय होती है.
मुंढे ने कहा कि आप जो भी चीज प्रमोट कर रहे हैं, उसके बारे में किया गया दावा सच्चा और सही होना चाहिए. उन्होंने यह भी साफ किया कि यह नियम उन्होंने खुद नहीं बनाया है, बल्कि 2018 में फूड सेक्टर के लिए लागू हुआ था और 2019 से इसे लागू किया जा रहा है.
उनका इशारा FSSAI के नियमों की तरफ था. इन नियमों का मकसद यही है कि विज्ञापनों में किए जाने वाले दावे साफ, सही और लोगों को गुमराह न करने वाले हों. मुंढे के मुताबिक, इस मामले में सरोगेट विज्ञापन के जरिए ऐसा ब्रांड प्रमोट किया जा रहा है, जिसका संबंध एक प्रतिबंधित प्रोडक्ट से है. यानी नाम भले ही विमल इलायची का हो, लेकिन इसके पीछे पान मसाला ब्रांड का प्रमोशन किए जाने का आरोप है.
महाराष्ट्र में बैन है प्रोडक्ट, फिर भी देशभर में विज्ञापन?
मुंढे ने बताया कि जिस प्रोडक्ट को सरोगेट विज्ञापन के जरिए प्रमोट करने की कोशिश हो रही है, वह महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है. कंपनी इसलिए इसे राज्य से बाहर बनाती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कंपनी पूरे देश में, खासकर महाराष्ट्र में, उसका प्रचार कर सकती है.
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आते हैं. इसी ब्रांड के साथ पान मसाला भी जुड़ा है. मुंढे ने कहा कि सिर्फ यही नहीं, कई पान मसाला ब्रांड इसी तरह के सरोगेट विज्ञापनों का सहारा लेते हैं और बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज को अपना चेहरा बनाते हैं.
क्या सेलिब्रिटी भी दोषी माना जा सकता है?
यही सबसे बड़ा सवाल है. मुंढे का जवाब है- हां. उन्होंने कहा कि किसी प्रोडक्ट का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी की भी जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि विज्ञापन FSSAI के नियमों के मुताबिक है या नहीं. नियमों में इस जिम्मेदारी का साफ तौर पर जिक्र है.
मुंढे के मुताबिक, नियम तोड़ने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा विज्ञापन वापस लेने और दूसरी कार्रवाई का भी प्रावधान है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि FDA ने सिर्फ सेलिब्रिटीज पर कार्रवाई की है. निर्माता और विक्रेता के खिलाफ भी कार्रवाई चल रही है. सेलिब्रिटीज इस कार्रवाई की ‘तीसरी कड़ी’ हैं.
यानी मुंढे का कहना है कि मामला शाहरुख, अजय या टाइगर को खास तौर पर निशाना बनाने का नहीं है.
FDA ने नोटिस में क्या कहा?
FDA के शो-कॉज नोटिस में कहा गया है कि यह विज्ञापन पहली नजर में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू से जुड़े प्रोडक्ट्स का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन लगता है. तीनों एक्टर्स को ब्रांड एंडोर्सर बताते हुए FDA ने उनसे 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है. नोटिस को ‘फाइनल वॉर्निंग’ भी बताया गया है.
FDA ने तीनों से कहा है कि वे तुरंत इस विज्ञापन से अपनी भागीदारी खत्म करें और अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स, वेबसाइट्स और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म से इसका प्रमोशनल कंटेंट हटाएं. इतना ही नहीं, उन्हें आगे इस विज्ञापन के प्रसारण, प्रकाशन या किसी भी तरह के प्रचार में सहयोग न करने का निर्देश भी दिया गया है.
FDA ने उनसे एंडोर्समेंट एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ, प्रोडक्ट की जानकारी, पेमेंट या एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज और विज्ञापन एजेंसी व ब्रांड मालिक की जानकारी भी मांगी है. अगर 15 दिनों में जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो FDA बिना किसी और नोटिस के आगे की कार्रवाई कर सकता है.
पान मसाला प्रमोशन पर पहले क्या कह चुके हैं शाहरुख?
शाहरुख खान इससे पहले भी पान मसाला जैसे प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करने को लेकर अपनी सफाई दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि अगर कोई प्रोडक्ट नुकसानदायक है, तो सरकार को उसे बैन कर देना चाहिए.
शाहरुख ने तर्क दिया था कि अगर सिगरेट खराब है तो उसका उत्पादन बंद कर दीजिए. अगर सॉफ्ट ड्रिंक खराब है तो उसे बनाने की इजाजत मत दीजिए. उनका कहना था कि सरकार ऐसे प्रोडक्ट्स पर इसलिए रोक नहीं लगाती क्योंकि उनसे उसे राजस्व मिलता है.
शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपना राजस्व नहीं छोड़ रही, तो उनसे भी अपनी कमाई छोड़ने की उम्मीद क्यों की जाए? मैं एक एक्टर हूं, मेरा काम है काम करना और उससे कमाई करना. अगर आपको लगता है कि कोई चीज गलत है, तो उसे बंद कर दीजिए.
वहीं, अक्षय कुमार और अमिताभ बच्चन जैसे सितारे पान मसाला ब्रांड्स के विज्ञापन से खुद को अलग कर चुके हैं. दोनों ने कहा था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये विज्ञापन सरोगेट एडवरटाइजिंग की कैटेगरी में आते हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क