'जिंदगी कला की नकल उससे कहीं ज्यादा करती है, जितना कला जिंदगी की नकल करती है' - ऑस्कर वाइल्ड के ये सदाबहार शब्द मुंबई के मशहूर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी दया नायक और एक्टर नाना पाटेकर की कहानी में एक अनोखे अंदाज में सच साबित हुए.
दया नायक, 2004 की बॉलीवुड फिल्म 'अब तक छप्पन' में पाटेकर के मशहूर किरदार 'साधु अगाशे' के लिए असल जिंदगी की प्रेरणा थे. लेकिन सालों बाद, जिस एक्टर ने पर्दे पर उनका किरदार निभाया था, वही उस किरदार के पीछे के असली इंसान के लिए प्रेरणा बन गए. जब दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन के साथ एक शानदार अध्याय का अंत हुआ, तो नायक की श्रद्धांजलि ने रील (फिल्मी दुनिया) और रियल (असल जिंदगी) के बीच की बारीक लकीर को लगभग पूरी तरह मिटा दिया.
8 अक्टूबर को सीने में दर्द के बाद गुजरने वाले 75 वर्षीय एक्टर को श्रद्धांजलि देते हुए नायक ने X पर लिखा, 'मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि आप चले गए हैं. हमारी कुछ दिन पहले ही बात हुई थी, और यह सोचना भी नामुमकिन लगता है कि वह हमारी आखिरी बातचीत थी.'
'साधु अगाशे' के किरदार ने भारतीय दर्शकों पर गहरा असर डाला क्योंकि नाना पाटेकर ने अंडरवर्ल्ड की पकड़ वाले शहर में काम करने वाले एक पुलिस अधिकारी के साहस और संघर्षों को बहुत ही असलियत के साथ दिखाया था. नायक के लिए, यह परफॉर्मेंस सिर्फ एक काल्पनिक पुलिस वाले को पर्दे पर उतारने से कहीं बढ़कर थी. उन्होंने लिखा कि पाटेकर की ज़बरदस्त वर्सटैलिटी (हर तरह के रोल करने की क्षमता) और जिस ईमानदारी से उन्होंने किरदार को निभाया, उससे दर्शकों को खाकी वर्दी के पीछे के इंसान को समझने में मदद मिली – दबाव, इंसानियत और एक पुलिस अधिकारी होने का असली मतलब क्या है, यह सब समझ आया.
नायक ने लिखा, 'कितने शानदार और हर तरह के रोल करने में माहिर एक्टर थे आप, और जिस अनोखे अंदाज में आपने हर किरदार निभाया, वह कमाल का था. आपने मुझे प्रेरित किया, जबकि आप मेरे ही किरदार से प्रेरित रोल निभा रहे थे.' उन्होंने आगे लिखा, 'आपने सिर्फ एक पुलिस अधिकारी का किरदार नहीं निभाया - आपने लोगों को वर्दी के पीछे के इंसान, दबाव, इंसानियत और एक पुलिस अधिकारी होने का असली मतलब समझाया और आपने यह सब इतनी ईमानदारी और गहराई के साथ किया.'
एक-दूसरे को प्रेरित करने के अनोखे तरीकों के अलावा, नायक और पाटेकर के बीच एक ऐसा रिश्ता था जो पर्दे से कहीं आगे तक गया - एक ऐसी दोस्ती जो सालों तक, एक्टर के आखिरी दिनों तक कायम रही.
उनके साथ बिताए एक प्यारे पल का वीडियो शेयर करते हुए, जिसमें नायक अपने 'नाना' के पैर छूते हुए दिख रहे हैं, उन्होंने एक्टर के पीछे छिपे इंसान को याद किया. उन्होंने लिखा, 'लेकिन एक्टर से भी बढ़कर वे एक दोस्त थे. ऐसे नाना जिन पर मैं हमेशा भरोसा कर सकता था. प्यारे, भरोसेमंद, दरियादिल और जरूरत के समय हमेशा साथ रहने वाले. मुझे आपकी बहुत याद आएगी. मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानता हूं कि मैं आपको जानता था, और सबसे बढ़कर, आपको अपना दोस्त और भाई कह सका.'
नायक ने अपना मैसेज पाटेकर से किसी दिन फिर मिलने की एक शांत उम्मीद के साथ खत्म किया. उन्होंने न सिर्फ उस एक्टर को अलविदा कहा जिसे वे पसंद करते थे, बल्कि उस दोस्त और भाई को भी विदाई दी जिसे वे बहुत मानते थे.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क