99 साल की हैं मनोज तिवारी की मां, TV पर पहली बार दिखीं-बेटे संग गाया गाना, हुईं भावुक

भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद मनोज तिवारी ने अपनी 99 वर्षीय मां के साथ रियलिटी शो 'धमाल विद पति पत्नी और पंगा' के सेट पर वही गाना गाया, जिसने उन्हें भोजपुरी संगीत में पहचान दिलाई. मां-बेटे के इस पल ने हर किसी को भावुक कर दिया.

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मां के आशीर्वाद से बने सुपरस्टार (Photo: Social Media) मां के आशीर्वाद से बने सुपरस्टार (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद मनोज तिवारी ने अपनी मां के लिए एक खास गाना गाकर सबका दिल जीत लिया. रियलिटी शो 'धमाल विद पति पत्नी और पंगा'  के सेट पर उन्होंने अपनी 99 साल की मां के साथ वही गाना गाया, जिसने उन्हें भोजपुरी संगीत जगत में पहचान दिलाई थी. 

मां की सलाह से बनी पहचान
मनोज तिवारी ने बताया कि जब वो गायकी की शुरुआत कर रहे थे, तब उनकी मां ने उन्हें मां दुर्गा पर आधारित पारंपरिक गाना गाने की सलाह दी थी. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने ही उन्हें ‘निमिया के दरिया से’ वाला गाना सिखाया था. यही गाना उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया. मनोज तिवारी ने कहा कि इस गाने ने उन्हें देशभर में मशहूर बना दिया और उन्हें भक्ति संगीत की तरफ ले जाने की प्रेरणा भी दी. 

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शो में मां के साथ खास पल
'धमाल विद पति पत्नी और पंगा'  के सेट पर मनोज तिवारी अपनी मां के साथ पहुंचे. उन्होंने पैपराजी से मिलवाते हुए कहा, “ये हमारी मां हैं और ये 99 साल की हैं.” इस दौरान मनोज तिवारी ने मां के साथ वही पुराना गाना गाया, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी थी. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही फैंस भावुक हो गए और मां-बेटे के इस खास रिश्ते की तारीफ करने लगे. 

मां से खास लगाव
मनोज तिवारी का मां के प्रति लगाव सिर्फ इस गाने तक सीमित नहीं है. मार्च 2026 में उन्होंने चैत्र नवरात्रि के मौके पर ‘ममता की छांव’ नाम का भक्ति गीत भी रिलीज किया था, जिसमें जन्म देने वाली मां को ही देवी के नौ रूपों में दिखाया गया था. उन्होंने गाना शेयर करते हुए लिखा था- ममता भी तू, शक्ति भी तू, मां भी तू, जगदंबा भी तू. ये कहानी सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर उस बेटे की है जिसके लिए उसकी मां ही उसकी दुनिया है.

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ये पल सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि मां-बेटे के रिश्ते, संस्कार और मेहनत की कहानी भी है. मनोज तिवारी ने साबित किया कि जड़ों से जुड़े रहना और मां का आशीर्वाद लेना ही असली सफलता है. 

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