उत्तर प्रदेश में सपा को एक के बाद लगातार बड़ा झटका लग रहा है. बुंदेलखड में सपा के कद्दावर और कुर्मी नेता बालकुमार पटेल ने अब अखिलेश यादव का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है. बाल कुमार पटेल बांदा-चित्रकूट इलाके में डकैत रहे ददुआ के भाई हैं. पटेल यूपी के बांदा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे.
बांदा लोकसभा सीट से बाल कुमार पहले ही चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अखिलेश यादव ने ऐन वक्त पर बीजेपी से आए श्यामा चरण गुप्ता को उम्मीदवार घोषित कर दिया है. इससे नाराज होकर उन्होंने पहले ही सपा को अलविदा कहने का मन बना लिया था.
बालकुमार पटेल 2009 में मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उन्हें बांदा लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन मोदी लहर में वो चुनाव जीत नहीं सके. 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन अखिलेश यादव ने उन पर भरोसा नहीं जताया है.
बाल कुमार पटेल शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की. इसके बाद कांग्रेस में शामिल होने की पठकथा लिखी गई.
बाल कुमार पटेल उत्तर प्रदेश में कुर्मियों के बड़े नेता हैं. खासकर बुंदेलखंड और पूर्वांचल में कुर्मी समुदाय के बीच काफी उनका आधार है. बाल कुमार पटेल के बेटे राम सिंह प्रतापगढ़ के सपा जिला अध्यक्ष हैं. राम सिंह प्रतापगढ़ की पट्टी विधानसभा सीट से सपा विधायक रहे हैं. 2017 के चुनाव में बीजेपी के मोती सिंह के हाथों बहुत कम वोटों से हार गए थे.
बाल कुमार पटेल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की थी. उन्होंने बसपा की टिकट से इलाहाबाद की मेजा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं सके. हालांकि बाद में वह सपा में शामिल हो गए. ददुआ के इनकाउंटर के बाद बाल कुमार मिर्जापुर से सांसद चुने गए थे.
कुबूल अहमद