उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इससे पहले आंवला से बीजेपी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप और उनकी बेटी कीर्ति कश्यप अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई हैं.
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की मौजूदगी में धर्मेंद्र कश्यप के अलावा तेज प्रताप सिंह श्रावस्ती, रंजीत गिरी गोस्वामी, अमन साहू, डॉ. प्रमोद विश्वकर्मा और विलास बाबू वाल्मीकि समेत कई नेताओं ने भी सपा का दामन थामा.
सपा में शामिल होते ही पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवाद का सीधा आरोप लगाया. कश्यप ने कहा, 'बीजेपी में अब जाति देखकर एनकाउंटर किया जा रहा है और जनता इससे पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है.'
उन्होंने कहा कि वो बरेली मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी यूपी से लेकर कश्यप और निषाद समाज के घर-घर जाकर सपा को मजबूत करेंगे.
इस दौरान शिवपाल यादव ने धर्मेंद्र कश्यप का स्वागत करते हुए कहा कि कश्यप 2003 में भी सपा सरकार में मंत्री रहे हैं और हमेशा विश्वासपात्र रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता का झुकाव अब अखिलेश यादव की ओर है और 2027 में बदलाव होना तय है.
अखिलेश यादव का किसानों को आश्वासन
अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र कश्यप और दूसरे नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इनके आने से सामाजिक न्याय और PDA की लड़ाई को और ताकत मिलेगी. उन्होंने किसान भाइयों को भरोसा दिलाते हुए कहा, 'समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही 24 घंटे के भीतर किसानों का 162 करोड़ का बकाया भुगतान कर दिया जाएगा.'
इसके साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा, 'हमें प्रीपेड पार्टियों और उन नेताओं से सावधान रहना होगा जिनका ओटीपी कहीं और से आता है. जिनके माइक और लाउडस्पीकर किसी और के हैं. सच्चाई ये है कि डोरी खत्म तो खेल खत्म.'
ओवैसी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जितनी ढील दी जाएगी वो उतना ही ऊपर जाएंगे, लेकिन असली सवाल ये है कि चरखी किसके हाथ में है.
चुनाव आयोग, आधार कार्ड और 90 बनाम 10 का गणित
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता तय करने की अपील करते हुए कहा कि फर्जी मतदान रोकने के लिए वोटिंग को बायोमेट्रिक और आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने अमेरिका की तर्ज पर मेटल का आधार कार्ड बनाने का सुझाव दिया और वादा किया कि सपा सरकार बनने पर यूपी के नागरिकों को मेटल का आधार कार्ड दिया जाएगा.
MLC चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के पक्ष में बिना फोल्ड किए ही वोट निकल आए. साथ ही उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कहा कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही नतीजे घोषित कर दिए जाते हैं.
अखिलेश यादव ने इस दौरान प्रयागराज में छात्रों के पढ़ाई के लिए खून बेचने की खबरों पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि ये सरकार की व्यवस्था की पोल खोलता है. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज ने इस बार अपना वोट समझदारी से बचाया है और जो लोग 80 और 20 का नारा देते थे, इस बार का चुनाव 90 और 10 के बीच होने जा रहा है.
समर्थ श्रीवास्तव