अखिलेश के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर RLD नाराज, कहा- चौधरी चरण सिंह और किसान समाज का अपमान

राष्ट्रीय लोक दल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के “चवन्नी को उठाकर रुपया बना दिया” वाले बयान को आपत्तिजनक बताया है. उन्होंने इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और पूरे किसान समाज का अपमान बताया है.

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सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी पर तंज कसा है सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी पर तंज कसा है

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:15 AM IST

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के  “चवन्नी को उठाकर रुपया बना दिया” वाले बयान पर राष्ट्रीय लोक दल हमलावर है. उन्होंने अखिलेश यादव के इस बयान को आपत्तिनजक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उनका कहना है कि अखिलेश का यह बयान चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और पूरे किसान समाज का अपमान है.

बीते दिन अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी दलों और राजनीतिक साथियों का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए आरएलडी और जयंत चौधरी पर तंज कसा. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में कह दिया था कि 'हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए.' उनके इस बयान को RLD और जयंत चौधरी से जोड़कर देखा जा रहा था. अब इस बयान पर राष्ट्रीय लोकदल ने आपत्ति जताई है.  

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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल कुमार ने इस बयान को आपत्तिजनक बताया है. उन्होंने X पर पोस्ट किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उनका कहना है कि यह पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और पूरे किसान समाज का अपमान है.

यह भी पढ़ें: 'हमने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए...', अखिलेश यादव का बिना नाम लिए जयंत चौधरी पर हमला

अनिल कुमार ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का आज जो राजनीतिक अस्तित्व है उसमें चौधरी चरण सिंह के परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने अखिलेश को अहंकारी बताते हुए कहा कि इतिहास को भूल कर इस तरह अहंकार में बयान देना सही नहीं है. 

RLD का कहना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसान समाज अखिलेश के इस बयान का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा. 

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दरअसल, बीते दिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए RLD पर तंज कसा था. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने सहयोगियों को आगे बढ़ाने का काम किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उनका साथ छोड़कर चले गए. 

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी और आरएलडी ने 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था. इसके बाद दोनों दल साथ बने रहे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जयंत चौधरी की आरएलडी ने सपा से दूरी बनाकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का दामन थाम लिया था.

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