'भ्रष्टाचारी जेल जाएगा, उसकी कुर्सी भी जाएगी...' गिरफ्तार PM-CM को हटाने वाले बिल के समर्थन में PM मोदी क्या-क्या बोले?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के गया में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रस्तावित सख्त कानून का भी जिक्र किया. पीएम ने कहा कि इस कानून के तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री यदि गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन से अधिक हिरासत में रहते हैं तो उन्हें पद छोड़ना होगा.

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गया जी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जेल से सरकार चलाना अब नामुमकिन होगा (Photo: ITG) गया जी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जेल से सरकार चलाना अब नामुमकिन होगा (Photo: ITG)

aajtak.in

  • पटना,
  • 22 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के गया जी में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया और विपक्ष, खासकर आरजेडी और कांग्रेस पर जमकर हमला किया.

पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के नए प्रस्तावित कानून का भी जिक्र किया जिसके तहत, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री अगर गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिन से ज्यादा हिरासत में रहते हैं तो पद से हटा दिए जाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई को अंजाम तक अगर पहुंचना है तो कोई भी कार्रवाई के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए.

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पीएम मोदी ने कहा कि बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है, मेरा साफ मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अगर अंजाम तक पहुंचाना है तो कोई भी कार्यवाही के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए.

नए प्रस्तावित कानून का किया जिक्र

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पीएम मोदी ने कहा, 'आज कानून है कि अगर किसी छोटे कर्मचारी को 50 घंटे तक हिरासत में रख दिया तो अपने आप वो सस्पेंड हो जाता है. ड्राइवर हो, प्यून हो या छोटे से छोटा कर्मचारी, उसकी जिंदगी तबाह हो जाती है. लेकिन अगर कोई सीएम है, मंत्री है, कोई प्रधानमंत्री है तो वो जेल में रहकर भी सत्ता का सुख पा सकता है. ये कैसे हो सकता है? हमने कुछ समय पहले ही देखा है कि कैसे जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे, जेल से ही आदेश जारी किए जा रहे थे. नेताओं का अगर यही रवैया रहेगा तो ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़ी जाएगी?'

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PM मोदी ने कहा, 'संविधान हर जन प्रतिनिधि से इमानदारी औऱ पारदर्शिता की उम्मीद करता है. हम संविधान की मर्यादा को तार-तार होते नहीं देख सकते हैं. इसलिए एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा कानून लाई है जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी है. इस कानून में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी शामिल किया गया है. जब ये कानून बन जाएगा तो फिर प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री, या फिर कोई मंत्री. उसको गिरफ्तारी के 30 दिन के अंदर जमानत लेनी होगी और जमानत नहीं मिली तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. '

विपक्ष पर निशाना

विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'क्या जेल से कोई सरकार चला सकता है क्या? इसलिए ऐसा सख्त कानून बनाने की तरफ हम आगे बढ़ रहे हैं. ये आरजेडी वाले, ये कांग्रेस वाले, ये लेफ्ट वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं. ये बहुत गुस्से हैं. कौन नहीं जानता है कि उनको किस बात का डर है. जिसने पाप किया होता है वो अपने पापों को दूसरों से छिपाता है लेकिन खुद अंदर से जानता है कि क्या खेल खेला है. इन सबका भी यही हिसाब है.'

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प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, 'ये आरजेडी और कांग्रेस वाले कोई बेल पर बाहर है तो कोई रेल के खेल में अदालत के चक्कर लगा रहा है. जो जमानत पर बाहर घूम रहे हैं वो आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि अगर ये जेल चले गए तो इनके सारे सपने चकनाचूर हो जाएंगे. इसलिए सुबह- शाम ये लोग मोदी को भांति-भांति की गाली दे रहे हैं. इतने बौखलाए हैं कि इन जनहित के कानून का विरोध कर रहे हैं. हमारे राजेंद्र बाबू और बाबा साहेब आंबेडकर ने कभी सोचा भी नहीं था, कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि सत्ता के भूखे लोग भ्रष्टाचार करेंगे और जेल जाने पर भी कुर्सी से चिपके रहेंगे लेकिन अब भ्रष्टाचारी जेल भी जाएगा और उसकी कुर्सी भी जाएगी. भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त होने का संकल्प देश के कोटि-कोटि लोगों का है जो पूरा होकर रहेगा.'

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