मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ के मंच से धार्मिक आयोजनों को लेकर अपनी सरकार के फैसलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा में डीजे, घंटा-शंख और घड़ियाल बजाने पर रोक थी. लेकिन उनकी सरकार ने धार्मिक आयोजनों पर लगी इन पाबंदियों को हटाया और कानून के दायरे में उत्सव मनाने वालों को सुरक्षा और सुविधाएं देने की नीति अपनाई.
सीएम योगी ने कहा कि जन्माष्टमी के मौके पर इस समय ब्रजभूमि में लाखों श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल है. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन अब थानों, जेलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी कराया जाता है. उन्होंने 2017 में कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ हुई बैठक का किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कांवड़ यात्रा की क्या तैयारी है, तो उन्हें बताया गया कि पिछले साल का शासनादेश ही जारी किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: पिछली सरकारों में नकल जन्मसिद्ध अधिकार, योग्यता से ज्यादा पर्ची का महत्त्व था: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक, उस आदेश में डीजे बजाने और घंटा, शंख व घड़ियाल बजाने पर रोक थी. इस पर उन्होंने अधिकारियों से कहा था, ‘फिर क्या है, ये शिव की यात्रा है या कोई शव यात्रा निकल रही है?’
उन्होंने इसके बाद सभी संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे भी बजेगा और शंख-घड़ियाल भी बजेंगे. हालांकि उन्होंने कांवड़ की ऊंचाई सुनिश्चित करने की बात कही और कहा कि सरकार श्रद्धालुओं को सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराएगी.
'अधिकारी डराते थे कि उपद्रव हो जाएगा’
सीएम योगी ने कहा कि उस समय अधिकारी उन्हें डराते थे कि डीजे और धार्मिक संगीत की अनुमति देने से उपद्रव हो सकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें पता है कि उपद्रवी कौन हैं और उनसे निपटा जाएगा. इसके बाद कांवड़ यात्रा के दौरान कोई बड़ा उपद्रव नहीं हुआ. उन्होंने इस साल गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच कांवड़ यात्रा में करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की बात कही.
यह भी पढ़ें: सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनाई यूपी के सरकारी स्कूलों के कायाकल्प की कहानी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के कई मार्ग हैं, जिनमें रुहेलखंड, अयोध्या-बस्ती-गोरखपुर, प्रयागराज-काशी और बुंदेलखंड क्षेत्र की यात्राएं शामिल हैं. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद कहीं अव्यवस्था या उपद्रव नहीं हुआ और लोग खुशी के साथ यात्रा में आगे बढ़े. किसी व्यक्ति या समुदाय के उत्सव के आनंद को नहीं छीना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर कोई कानून के दायरे में रहकर उत्सव मनाता है तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उसे सुरक्षा दे, उसका समर्थन करे और प्रोत्साहित करे.
उन्होंने कहा कि इसी तरह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर भी सरकार ने व्यवस्था बदली. मैंने निर्देश दिया कि जन्माष्टमी का आयोजन हर थाने, हर जेल और सभी महत्वपूर्ण स्थलों पर होना चाहिए. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कंस की जेल में हुआ था. इसलिए जेलों में जन्माष्टमी का आयोजन नहीं रोकना चाहिए. जो स्थान कभी जेल था, आज उनके लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थली है और देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं.
'अब यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा, सब चंगा है’
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अपमान करने का आरोप लगाया. उन्होंने अयोध्या, ब्रजभूमि और काशी का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थलों की भावनाओं को पिछली सरकारें समझ नहीं पाईं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब कर्फ्यू मुक्त और दंगा मुक्त वातावरण का आदी हो चुका है. अब यूपी में न कर्फ्यू है, न दंगा है, अब यूपी में सब चंगा है. इसी माहौल में लोग पूरे उत्साह के साथ डबल इंजन की सरकार को अपना आशीर्वाद दे रहे हैं.
aajtak.in