जय श्री राम के साथ कृष्ण बिहारी का जयकारा लगाएगी बीजेपी, यूपी में नई रणनीति

अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब बीजेपी का अगला बड़ा फोकस मथुरा बनता दिख रहा है, जहां जन्माष्टमी पर सीएम योगी के दौरे से 2027 के सियासी समीकरण तेज हो गए हैं. मंचों से 'श्रीराम' के साथ 'कृष्ण बिहारी' के जयकारे बड़े सियासी संदेश दे रहे हैं.

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मथुरा में सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo-ITG) मथुरा में सीएम योगी आदित्यनाथ (Photo-ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 02 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:06 PM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है  सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए एक के बाद एक बड़ा सियासी दांव चल रही है. बीजेपी के सांस्कृतिक और राजनीतिक नैरेटिव में अब मथुरा की चर्चा जोर पकड़ने लगी है. 

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या अब बीजेपी का अगला बड़ा सांस्कृतिक और विकास एजेंडा मथुरा होने वाला है?  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 3 और 4 सितंबर को मथुरा-वृंदावन का दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित है. इस दौरे को बड़े राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है. 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाल के दौरे में जिस तरह से जयश्रीराम के साथ जय कृष्ण बिहारी के के नारे लग रहे हैं, उससे एक बात साफ है बीजेपी आक्रामक हिंदुत्व रणनीति के साथ 2027 के चुनाव में उतरने का खास प्लान बना रखा है. 

'श्रीराम' के साथ 'कृष्ण बिहारी' का जयकारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे कर सियासी माहौल बनाने में जुटे हैं. हाल में सीएम योगी भाषणों और जनसभाओं में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, इटावा, आगरा और फतेहपुर जैसे जिलों में हुई रैली के दौरान सीएम योगी ने अपने संबोधनों की शुरुआत 'श्रीराम' के साथ-साथ 'कृष्ण बिहारी' के जयकारे से किया. 

सियासी जानकारों का मानना है कि सीएम योगी भाषणों में जयकारों का यह फेरबदल महज इत्तेफाक या आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 2027 के चुनावों के लिए तैयार किए जा रहे एक नए नैरेटिव का स्पष्ट संकेत है. बीजेपी लंबे समय से मथुरा, काशी और अयोध्या का मुद्दा लेकर चलती रही है. 

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जन्माष्टमी पर मथुरा दौरा और विकास की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 3 और 4 सितंबर को मथुरा-वृंदावन में रहेंगे. सीएम योगी इस दौरान मथुरा-वृंदावन के लिए लगभग ₹446 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.

मथुरा दौरे पर सीएम योगी ब्रज तीर्थ विकास परिषद की समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लेंगे. इस दौरे पर मुख्यमंत्री बांके बिहारी मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे तथा गो-पूजन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. 

राम-कृष्ण और विरासत का 2027 का एजेंडा 

बीजेपी मथुरा को आस्था के साथ विरासत, संस्कृति और विकास से जोड़ रही है. वहीं विपक्ष बीजेपी पर धार्मिक मुद्दे को चुनावी रंग देने का आरोप लगा रहा है.  बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला के अनुसार, मुख्यमंत्री का मथुरा दौरा आस्था और बुनियादी विकास दोनों का प्रतीक है. पार्टी का स्पष्ट मानना है कि सांस्कृतिक पहचान और विकास साथ-साथ चल सकते हैं.

सपा प्रवक्ता अमीक जामई ने आरोप लगाया कि अयोध्या के बाद अब बीजेपी चुनाव नजदीक आते ही मथुरा को राजनीतिक मुद्दा बना रही है और मूल विकास के सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. सपा के साथ कांग्रेस भी बीजेपी पर सवाल खड़़े किए. 

कांग्रेस  के राष्ट्रीय प्रवक्त सुरेंद्र राजपूत ने इसे बीजेपी की पुरानी चुनावी रणनीति करार देते हुए कहा कि सत्ताधारी दल हर चुनाव से पहले धार्मिक भावनाओं का सहारा लेता है.

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सीएम योगी का हिंदुत्व का सियासी दांव

अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब मंचों से 'कृष्ण बिहारी' का उद्घोष और जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री की मथुरा में मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि बीजेपी 2027 के चुनावों के लिए 'राम-कृष्ण', 'अयोध्या-मथुरा' और 'विरासत-संस्कृति-विकास' के त्रिकोण पर आधारित मजबूत नैरेटिव सेट करने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है.

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