'P' से पंडित पर सपा-बसपा में जुबानी जंग तेज, आकाश आनंद ने बताया PDA का नया फॉर्मूला

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच PDA को लेकर सियासी जंग तेज हो गई है. अखिलेश यादव के PDA में 'P' का मतलब 'पंडित' बताए जाने के बाद मायावती ने सपा पर निशाना साधा. अब आकाश आनंद ने पलटवार करते हुए PDA को 'पब्लिक डराओ अभियान' करार दिया है.

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आकाश आनंद ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया है. (Photo- ITG) आकाश आनंद ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

उत्तर प्रदेश की सियासत में PDA को लेकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी आमने-सामने आ गई हैं. बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी के PDA की नई परिभाषा पर तंज कसते हुए इसे ‘पब्लिक डराओ अभियान’ बताया है. बसपा नेता आकाश आनंद ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा डर BSP से लगता है. इसी वजह से वह लगातार PDA की बात करती है.

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दरअसल, यह विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने PDA की अपनी पुरानी परिभाषा में ‘पंडित’ को भी जोड़ दिया था. इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने सपा पर चुनावी फायदे के लिए अपनी राजनीतिक भाषा और सामाजिक समीकरण बदलने का आरोप लगाया. मायावती ने कहा था कि सपा का यह बदलाव उसकी राजनीतिक मजबूरी को दिखाता है.

यह भी पढ़ें: बीजेपी को सबसे बड़ी चोट देने में जुटे अखिलेश, PDA प्लान का अब सामने आया ट्रंप कार्ड

अखिलेश यादव ने PDA पर क्या कहा था?

अखिलेश यादव ने PDA की अवधारणा को पहली बार पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक के सामाजिक गठजोड़ के तौर पर पेश किया था. समाजवादी पार्टी ने इसी फॉर्मूले को बीजेपी के खिलाफ अपने बड़े सामाजिक समीकरण के तौर पर प्रचारित किया.

अब 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने इसमें ब्राह्मणों को साधने की कोशिश करते हुए 'पंडित' को भी PDA से जोड़ दिया है. लखनऊ में ब्राह्मण और प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि PDA में 'P' का मतलब 'पंडित' भी है.

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अखिलेश यादव के बयान की मायावती ने की आलोचना

अखिलेश के इस बयान पर मायावती ने सपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चुनाव नजदीक आते ही अपने राजनीतिक समीकरण बदल रही है. मायावती ने सपा की तुलना 'गिरगिट' से करते हुए कहा कि वह चुनावी फायदे के लिए लगातार अपनी राजनीतिक लाइन बदलती है.

यह भी पढ़ें: चुनाव से पहले अखिलेश ने बदला PDA का फॉर्मूला? समझें यूपी में ब्राह्मण वोटों का गणित

बसपा का दावा है कि सपा को ऊंची जातियों, खासकर ब्राह्मणों के बीच बसपा की बढ़ती पकड़ की चिंता है. इसी वजह से अखिलेश यादव PDA में ‘पंडित’ को शामिल कर रहे हैं. आकाश आनंद ने भी इसी मुद्दे को लेकर सपा पर हमला बोला और PDA को ‘पब्लिक डराओ अभियान’ बताया.

दरअसल, यूपी की राजनीति में दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और ब्राह्मण वोटों का समीकरण बेहद अहम है. ऐसे में PDA की नई परिभाषा को लेकर शुरू हुई यह जुबानी जंग सिर्फ शब्दों की लड़ाई नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समीकरणों की तैयारी के तौर पर भी देखी जा रही है.

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