स्कूलों में लड़कियों को वोकेशनल ट्रेनिंग देगी योगी सरकार, जानें- क्या है पूरी योजना

योगी आदित्य नाथ सरकार राजकीय विद्यालयों की छात्राओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार अपने चल रहे प्रयास के तहत स्कूलों में लड़कियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने जा रही है.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने शनिवार को कहा कि वह लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगी. शनिवार को एक विज्ञप्ति में सरकार ने कहा कि कौशल विकास मिशन को यह काम सौंपा गया है. सर्वप्रथम राज्य के कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में व्यवसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी. 

जिला समन्वयक बालिका शिक्षा की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने एक आदेश जारी कर इन सरकारी बालिका विद्यालयों को अपने 100 प्रतिशत छात्रों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का निर्देश दिया है. आदेश में आगे कहा गया कि जिला विद्यालय निरीक्षकों, प्राचार्यों, डीपीएमयू और कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक, जिला बुनियादी शिक्षा अधिकारियों के सहयोग से सामुदायिक स्तर पर व्यावसायिक प्रशिक्षण के महत्व पर जागरूकता पैदा करने के लिए माता-पिता के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी.

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च्वाइस के हिसाब से दिया जाएगा 

सरकार की विज्ञप्ति में कहा गया है कि अधिक से अधिक लड़कियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण में शामिल करने के लिए कौशल विकास योजना की शुरुआत और इसके लाभों पर चर्चा की जानी चाहिए, इस तरह के प्रशिक्षण के लिए एक कमरा और फर्नीचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए. 

विज्ञप्ति में आगे सलाह दी गई है कि प्री-काउंसलिंग के दौरान लड़कियों को उनकी रुचि के आधार पर ट्रेड सौंपा जाना चाहिए, जिसमें प्रेरणा पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं की उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होना चाहिए. इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संस्थान में नामांकि‍त सभी छात्राएं प्रशिक्षण सत्र में पूर्ण रूप से भाग लें. इस निर्देश के साथ एक चेतावनी भी जारी की गई है कि भौतिक सत्यापन या औचक निरीक्षण के दौरान अलग परिस्थिति पाए जाने पर बालिका शिक्षा के लिए जिला समन्वयक और वार्डन को कठोर अनुशासनात्मक सजा का सामना करना पड़ेगा. 

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कौशल विकास मिशन के सहायक निदेशक राजीव यादव ने कहा कि कुल इसके अंतर्गत 54 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों को अधिसूचित किया गया है. इन संस्थानों में प्रशिक्षण जल्द ही शुरू होगा. इसकी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है. 

वुमन सेफ्टी क‍िट भी बांटी जा रही 

इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेफ्टी किट वितरण कार्यक्रम भी चल रहा है. इस पहल के तहत 10 दिनों के प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों द्वारा लड़कियों को विशेष किट प्रदान की जाएगी. इसके अतिरिक्त, पायलट प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में, कुछ महिलाओं के आवासीय घरों में व्यावसायिक प्रशिक्षण पहले ही शुरू हो चुका है. 

 

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