सीरिया, सऊदी अरब नहीं... इस देश में हैं दुनिया का सबसे सख्त कानून

सऊदी अरब, ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देशों में अभिव्यक्ति, निजी जीवन और सामाजिक व्यवहार पर कड़े नियम हैं. कुछ जगहों पर समलैंगिक संबंध और ईशनिंदा अपराध माने जाते हैं, जिनके लिए जेल से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है.

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दुनिया के कई देशों में आज भी बेहद सख्त कानून लागू हैं. ( Photo: Pixabay) दुनिया के कई देशों में आज भी बेहद सख्त कानून लागू हैं. ( Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:14 AM IST

दुनिया के अलग-अलग देशों में कानून अलग तरीके से बनाए जाते हैं. कुछ देश अपने नागरिकों को ज्यादा आजादी देते हैं, जबकि कुछ देशों में नियम बहुत कड़े होते हैं और सजा भी काफी सख्त मिलती है. कानून इस बात को तय करते हैं कि लोग क्या कर सकते हैं और क्या नहीं. यह भी तय होता है कि गलती करने पर कितनी सजा मिलेगी. कई देशों में इतिहास, धर्म, राजनीति और सत्ता की सोच का कानूनों पर गहरा असर होता है.

किन देशों में माने जाते हैं सबसे सख्त कानून?
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों में अक्सर कड़े कानूनों की चर्चा होती है, उनमें शामिल हैं:

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  • चीन
  • रूस
  • सीरिया
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • कतर
  • ईरान
  • सऊदी अरब


इन देशों में बोलने की आजादी, विरोध करने का अधिकार और निजी जीवन से जुड़े मामलों पर सख्त नियम हो सकते हैं. सजा सिर्फ जुर्माना या जेल तक सीमित नहीं. दुनिया के कुछ हिस्सों में सजा बहुत कठोर हो सकती है. कुछ देशों में शारीरिक दंड, लंबी कैद और कुछ मामलों में मृत्युदंड भी दिया जाता है

समलैंगिक संबंधों पर कानून
कई देशों में आज भी समलैंगिक संबंध अपराध माने जाते हैं. इनमें सऊदी अरब, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, कतर, नाइजीरिया, युगांडा, ब्रुनेई, मॉरिटानिया, सोमालिया, सूडान, मलावी और यमन जैसे देश शामिल हैं. इन जगहों पर सजा जुर्माने से लेकर जेल और कुछ मामलों में मौत की सजा तक हो सकती है.

ईशनिंदा (धर्म के खिलाफ बोलना) पर सख्त कानून

  • कुछ देशों में धर्म का अपमान करना या उसके खिलाफ बोलना अपराध माना जाता है.
  • पाकिस्तान में ईशनिंदा के लिए उम्रकैद हो सकती है.
  • सऊदी अरब में कुछ मामलों में मृत्युदंड तक हो सकता है.
  • इंडोनेशिया, मिस्र, नाइजीरिया, ईरान और अफगानिस्तान में भी ऐसे कानून मौजूद हैं.
  • मानवाधिकार समूहों का कहना है कि कई बार इन कानूनों का इस्तेमाल विरोध दबाने के लिए भी किया जाता है.


सिंगापुर और उत्तर कोरिया: दो अलग उदाहरण

सिंगापुर
यहां कानून बहुत सख्त हैं, लेकिन व्यवस्था और सफाई बनाए रखने पर जोर दिया जाता है.

कूड़ा फेंकने पर भारी जुर्माना
ड्रग्स तस्करी पर सख्त सजा
कुछ मामलों में मृत्युदंड

उत्तर कोरिया
यह देश पूरी तरह सरकार के कड़े नियंत्रण में चलता है.
बोलने और जानकारी पाने की आजादी सीमित
असहमति जताने पर जेल या श्रम शिविर की सजा

सख्त कानूनों का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त कानून अक्सर व्यवस्था बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कई बार इससे लोगों की व्यक्तिगत आज़ादी कम हो जाती है.हर देश का कानून उसकी संस्कृति, इतिहास और राजनीतिक व्यवस्था पर निर्भर करता है. लेकिन यह साफ है कि दुनिया में आज भी कई जगहों पर कानून बहुत कठोर हैं और उनका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है.

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