मेडिकल कोर्स में एडमिशन की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा अपडेट सामने आया है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट एसएससी की न्यूनतम क्वालीफाइंग कटऑफ घटाकर 30 परसेंटाइल कर दी है. नीट एसएस 2025 में 600 में से 175 नंबर लाने वाले उम्मीदवारों को भी अब मेडिकल सीट मिल सकती है.
घट गई कटऑफ
बता दें कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) का रिजल्ट 23 जनवरी, 2025 को घोषित किया गया था. यह भारत का मेडिकल फील्ड में सबसे हाई लेवल एंट्रेंस एग्जाम में शामिल है. लेकिन पहले इसमें एडमिशन लेना थोड़ा मुश्किल था क्योंकि एडमिशन के लिए पासिंग परसेंटाइल 50 थी लेकिन अब इसे घटाकर 30 कर दिया गया है.
क्या है परसेंटाइल कम होने की वजह?
नीट एसएस एग्जाम का आयोजन 26 और 27 दिसंबर को आयोजित किया गया था लेकिन इसका परिणाम 23 जनवरी को घोषित किया गया था. काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद करीब 1857 सुपर स्पेशलिटी सीटें खाली रह गई थीं, जिसे भरने के लिए कटऑफ को कम किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
NEET SS 2025 की क्वालिफाइंग कटऑफ में बदलाव सुप्रीम कोर्ट के 19 सितंबर 2025 के आदेश के बाद किया गया. कोर्ट ने खाली पड़ी सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सीटों को भरने के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल घटाने की अनुमति दी थी. इसके बाद NBEMS ने संशोधित परिणाम तैयार कर उसे मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के साथ साझा कर दिया है.
कितना कम हुआ परसेंटाइल?
| क्वेश्चन पेपर ग्रुप | क्वालिफाइंग कट-ऑफ स्कोर (30वां परसेंटाइल) |
| एनेस्थिसियोलॉजी ग्रुप | 249 |
| क्रिटिकल केयर मेडिसिन ग्रुप | 254 |
| ENT ग्रुप | 247 |
| मेडिकल ग्रुप | 175 |
| मेडिकल ऑन्कोलॉजी ग्रुप | 180 |
| माइक्रोबायोलॉजी ग्रुप | 306 |
| ऑब्स्टेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी ग्रुप | 325 |
| ऑर्थोपेडिक्स ग्रुप | 256 |
| पीडियाट्रिक ग्रुप | 231 |
| पैथोलॉजी ग्रुप | 238 |
| फार्माकोलॉजी ग्रुप | 213 |
| साइकियाट्री ग्रुप | 302 |
| रेडियोडायग्नोसिस ग्रुप | 315 |
| रेस्पिरेटरी मेडिसिन ग्रुप | 285 |
| सर्जिकल ग्रुप | 243 |
आजतक एजुकेशन डेस्क