दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट में सह-यात्री/सह-पायलट के हमले और विमान को क्रैश करने की साजिश को नाकाम करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार की दुनियाभर में प्रशंसा हो रही है. इस बीच न्यूजीलैंड के उस फ्लाइंग स्कूल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का बयान सामने आया है, जहां से स्मित मछार ने ट्रेनिंग ली थी. न्यूजीलैंड के डुनेडिन शहर स्थित 'मेनलैंड एयर' फ्लाइंग स्कूल के सीईओ फिलिप कीन ने उन्हें एक असाधारण छात्र और हीरो करार दिया है. जानिए एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने क्या कहा.
भारत में रिक्रूटमेंट का काम देखते थे स्मित
फिलिप कीन ने बताया कि स्मित मछार ने 2008 से लगभग 18 महीने तक मेनलैंड एयर से ट्रेनिंग ली थी. वे पढ़ाई और ट्रेनिंग में हमेशा आगे रहने वाले छात्र थे. भारत लौटने और अपना करियर शुरू करने के बाद भी वे फ्लाइंग स्कूल से लगातार जुड़े रहे और भारत में संस्थान के लिए रिक्रूटमेंट (भर्ती) का काम भी देखते थे. सीईओ ने कहा कि स्मित के अंदर बेहतरीन सर्वाइवल इंस्टिंक्ट (बचने/मुसीबत से निकलने की क्षमता) हैं. प्लेन जिस तरह के खतरनाक 'डाइव' से बिना पूरी तरह तबाह हुए सुरक्षित निकला, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है.
फिलिप कीन ने कहा कि हम सभी को उन पर बहुत गर्व है और हम उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अस्पताल में भर्ती स्मित को शुभकामनाएं भेजी हैं और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद की है.
क्या थी पूरी घटना?
मुंबई के रहने वाले कैप्टन स्मित मछार बोइंग 737 विमान की कमान संभाल रहे थे, जिसमें 174 यात्री सवार थे. उड़ान के दौरान सह-पायलट ने चाकू से उन पर हमला कर दिया और प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने सूझबूझ दिखाई. इस दौरान प्लेन तेजी से नीचे (डाइव) आने लगा, जिसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया.
घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिम शहर तबूक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. हमले में बुरी तरह घायल कैप्टन स्मित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, अब उनकी हालत स्थिर है और दूतावास उनके परिवार व सऊदी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है.
आजतक एजुकेशन डेस्क