देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइट केस में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. आत्महत्या से हुई मौत के बाद पुलिस इस मामले में लगातार जांच कर रही है.जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, साहिल ने अपने बयान में कहा था कि वह परीक्षा की अच्छी तैयारी नहीं कर पाया था और उसे आशंका थी कि वह पेपर में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकेगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने के तुरंत बाद साहिल ने अपनी एक महिला मित्र से बातचीत की थी. उसने कथित तौर पर बताया था कि थर्मोडायनामिक्स का उसका पेपर अच्छा नहीं गया था और वह परीक्षा की तैयारी को लेकर परेशान है.
नकल के मामले में छात्र को मिलता है जवाब देने का मौका
संस्थान की शैक्षणिक अनुशासन संबंधी नीति के तहत परीक्षा में नकल करते पकड़े गए छात्र को अपना पक्ष रखने के लिए दो दिन का समय दिया जाता है. इस दौरान छात्र को संबंधित रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई जाती है, जिसके बाद वह अपना लिखित जवाब दे सकता है. इस दौरान लिखित बयान में साहिल ने अपनी गलती स्वीकार की थी और इस दौरान माफी मांगी थी और दोबारा ऐसी गलती न करने की बात भी कही थी. इस दौरान साहिल ने एक और मौका देने की बात भी कही थी.
पुलिस ने 20 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए
साहिल की मौत के मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे का बयान भी दर्ज किया गया है. इसके अलावा, मामले से जुड़े 20 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं. इनमें 12 छात्र भी शामिल हैं. इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला पर साहिल को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगे हैं. हालांकि, पुलिस को दिए अपने बयान में प्रोफेसर ने उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
परीक्षा के बाद महिला मित्र से की थी बात
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने के तुरंत बाद साहिल ने अपनी एक महिला मित्र से बातचीत की थी. उसने कथित तौर पर बताया था कि थर्मोडायनामिक्स का पेपर अच्छा नहीं गया और वह परीक्षा की तैयारी को लेकर चिंतित था.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत 18 सितंबर से हुई है, जब मिड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान फोन इस्तेमाल करने के आरोप लगने के कुछ घंटे बाद ही छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना ने पूरे कैंपस को हैरान कर दिया. घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे के सामने कई बदलावों की लिस्ट रखी.
दीपेश त्रिपाठी