IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. साहिल के परिवार ने संस्थान के एक प्रोफेसर पर जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. परिवार आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. इसी बीच रविवार को IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वहीं, साहिल के माता-पिता कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और विधायक असलम शेख के साथ कैंपस के अंदर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से मुलाकात की और साहिल को श्रद्धांजलि दी.
क्या है पूरा विवाद?
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र थे. 18 सितंबर 2026 को हॉस्टल के कमरे में उनकी मौत हो गई थी. उनकी मौत से पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर एक घटना हुई थी. पुलिस के मुताबिक, साहिल को परीक्षा में मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. बाद में जांच में यह पहलू भी सामने आया कि उन्होंने संस्थान से गलती के लिए माफी मांगते हुए एक और मौका देने की अपील की थी.
साहिल के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को जाति के आधार पर भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का नाम एफआईआर दर्ज कर लिया था. हालांकि, जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि जांच से होनी बाकी है. IIT बॉम्बे ने पहले कहा था कि साहिल ने संस्थान के प्रशासन या एससी-एसटी सेल में ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी.
प्रदर्शनकारी क्या मांग कर रहे हैं?
साहिल के मौत के बाद से उनके माता-पिता और प्रदर्शनकारी मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और संबंधित प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. इस मामले को लेकर कैंपस में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहे हैं. रविवार को भी संस्थान के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया. माना ये भी जा रहा है कि साहिल के माता-पिता कैंपस के अंदर गए और उन्होंने वहां प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बात की है और साथ ही साहिल को श्रद्धांजलि दी. कैंपस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है. माता-पिता के बाहर आने के बाद प्रेस से बात करने की बात कही गई है.
आजतक एजुकेशन डेस्क