हिमाचल प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी PG की 320 सीटें, केंद्र देगा ₹415 करोड़

हिमाचल प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी और अहम खबर सामने आई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य में मेडिकल सीटों को बढ़ाने का ऐलान किया है. इसके लिए केंद्र की ओर से 415 करोड़ रुपये ग्रांट किए जाने का भी ऐलान किया है.

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 हिमाचल के 6 कॉलेजों में बढ़ेंगी मेदिकल की 320 सीटें. हिमाचल के 6 कॉलेजों में बढ़ेंगी मेदिकल की 320 सीटें.

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST

डॉक्टर बनने के बाद मरीजों का इलाज करने के साथ-साथ किसी खास बीमारी में विशेषज्ञता हासिल करना भी जरूरी होता है. लेकिन पीजी मेडिकल सीटों की कमी की वजह से कई डॉक्टरों को अपनी पसंद के कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाता. ऐसे में हिमाचल प्रदेश के मेडिकल छात्रों के लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने राज्य के छह मेडिकल कॉलेजों में पीजी की 320 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

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इसके लिए करीब 415 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की बात कही गई है. इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने जानकारी दी है. इससे मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चुके डॉक्टरों को विशेषज्ञता हासिल करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं. साथ ही, राज्य के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है. 

किस मेडिकल कॉलेज में कितनी सीटें बढ़ेंगी?

जेपी नड्डा के बयान के मुताबिक, छह मेडिकल कॉलेजों में सीटों का बंटवारा कुछ इस तरह किया जा रहा है-

हमीरपुर-57 सीटें
चंबा- 28 सीटें
मंडी- 55 सीटें
नाहन- 32 सीटें
शिमला- 91 सीटें
टांडा- 57 सीटें

इन सभी कॉलेजों में कुल 320 अतिरिक्त पीजी सीटें होंगी. इनमें सबसे ज्यादा 91 सीटें शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में बढ़ाई गई हैं. 

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हिमाचल सरकार को जल्द काम पूरा करने की अपील

जारी किए गए बयान में जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश सरकार से जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील भी की है जिससे इन सीटों को शुरू किया जा सके. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव 23 जून को मिला था. इसके बाद 6 अक्टूबर को AIIMS बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी उनसे इस मुद्दे पर चर्चा की थी.

डॉक्टरों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

बता दें कि पीजी मेडिकल सीटें बढ़ने से MBBS के बाद MD और MS जैसे कोर्स में विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर बढ़ सकते हैं. इससे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ेगी. लंबे समय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर होने से मरीजों को भी फायदा मिल सकता है.  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या पहले 277 थी, जिसे बढ़ाकर 597 किया गया है. 

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