मुझे केवल एक मौका चाहिए... सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक शख्स ने अपनी आपबीती सुनाई है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कई सालों तक UPSC की तैयारी करने का फैसला किया. लेकिन कभी जिस युवा का सपना भारत की सिविल सर्विस में जाना था, वह अब IT सेक्टर में नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहा है. उसने CDAC प्रोग्राम पूरा किया है और Java, Spring Boot, SQL और React की ट्रेनिंग ली है.
उसने कई प्रोजेक्ट भी बनाए और महीनों तक नौकरियों के लिए आवेदन किए. लेकिन उसका कहना है कि करियर में आए गैप की वजह से कई बार इंटरव्यू लेने वाले उसे पूरा मौका दिए बिना ही आगे बढ़ जाते हैं. जब कुछ नहीं हो पाया है तो उन्होंने रेडिट यूजर से मदद की गुहार लगाई है.
अपने रेडिट पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनका जीवन कठिन दौर से गुजर रहा है और उन्हें जीवित रहने, अवसर तलाशने और फिर से काम पर लौटने के लिए मदद की जरूरत है. उन्होंने सलाह और सुझाव भी मांगें हैं. उनकी कहानी ने उन लोगों को प्रेरित किया है जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सालों बीता दिए हैं लेकिन एक नौकरी पाने के लिए शुरू से शुरू कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने साल 2020 में एक सरकारी कॉलेज से बीई की डिग्री हासिल की है. हालांकि, पढ़ाई पूरी होने के बाद तुरंत नौकरी शुरू करने के बजाय उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया. उन्होंने परीक्षा पास करने के लिए कई प्रयास किए और कुछ चरणों को पासर कर लिया है लेकिन लास्ट में उनका चयन नहीं पाया. परीक्षा में कई साल लगाने के बाद, उन्होंने अपना रास्ता बदलने और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया.
अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाने के लिए उन्होंने छह महीने के CDAC PG-DAC प्रोग्राम में एडमिशन लेने का फैसला किया. इस दौरान उन्होंने Java, Spring Boot, SQL, React और दूसरी तकनीकों की ट्रेनिंग ली. उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया और अपनी कम्युनिकेशन स्किल और तकनीकी क्षमता को बेहतर किया. लेकिन इसके बाद भी आईटी सेक्टर में नौकरी पाना उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल साबित हुआ.
नहीं मिल रही है फुल टाइम नौकरी
पोस्ट में उन्होंने ये भी बताया कि CDAC कोर्स पूरा किए उन्हें एक साल से ज्यादा हो गया है, लेकिन उन्हें अभी तक कोई फुल टाइम नौकरी नहीं मिला है और न ही इंटर्नशिप मिली. उनके मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी उनके रिज्यूमे में मौजूद करियर गैप है. उन्होंने बताया कि UPSC की तैयारी में बिताए गए सालों को देखकर कई बार इंटरव्यू लेने वाले शुरुआत में ही रुचि खो देते हैं. करीब छह महीने से लगातार नौकरी के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अभी तक कोई मौका नहीं मिल पाया है.
इसका असर उनकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है. उनके पिता रिटायर हो चुके हैं और नौकरी नहीं मिलने से परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि मेरी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है और सच कहूं तो सकारात्मक रहना मुश्किल होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह भारत में कहीं भी नौकरी के लिए जाने, शुरुआती स्तर की नौकरी से शुरुआत करने और धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं. उनके मुताबिक, मुझे खुद को साबित करने के लिए सिर्फ एक मौका चाहिए.
यूजर्स ने दी सलाह
इस पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं. कुछ ने उन्हें हिम्मत दी, तो कुछ ने नौकरी पाने के लिए व्यावहारिक सलाह भी दी. एक रेडिट यूजर ने कहा कि उन्होंने 30 साल की उम्र तक ऐसी ही मुश्किलों का सामना किया था. उन्होंने सलाह दी कि नेटवर्किंग और काम का अनुभव हासिल करने पर ध्यान दें, भले ही शुरुआत में इंटर्नशिप बिना सैलरी के ही क्यों न करनी पड़े. इतना ही नहीं यूजर ने एक ऐसे UPSC उम्मीदवार का उदाहरण भी दिया, जिसने परीक्षा की तैयारी छोड़कर नई स्किल सीखी और एक बड़ी कंसल्टेंसी में इंटर्नशिप शुरू की. वहां मिले अनुभव और संपर्कों की मदद से उसे बाद में कथित तौर पर 12 लाख रुपये सालाना की नौकरी मिल गई.
उनकी सलाह साफ थी कि पहले किसी तरह इंडस्ट्री में एंट्री लें और फिर उस अनुभव के आधार पर आगे बढ़ें. कुछ अन्य यूजर्स ने उन्हें इंजीनियरिंग और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की सलाह दी. उनका मानना था कि UPSC की तैयारी से मिली उनकी पिछली मेहनत इन परीक्षाओं में काम आ सकती है. वहीं, एक अन्य यूजर ने अलग नजरिया रखते हुए सवाल किया कि आखिर उन्होंने शुरुआत में UPSC को करियर के तौर पर क्यों चुना था.
क्या-क्या मिली सलाह?
सभी रेडिट यूजर्स ने सरकारी नौकरी या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की सलाह नहीं दी. एक यूजर ने उन्हें नौकरी के लिए आवेदन जारी रखने के साथ-साथ शिक्षण को भी एक विकल्प मानने की सलाह दी है. कई लोगों ने कहा कि UPSC की तैयारी के दौरान हासिल किया नॉलेज काम आ सकता है. जबकि उनकी इंजीनियरिंग और तकनीकी पृष्ठभूमि की वजह से उन्हें टेक्नोलॉजी से जुड़े विषय पढ़ाने के मौके भी मिल सकते हैं. उन्होंने एडटेक कंपनियों में नौकरी तलाशने का सुझाव भी दिया.
कई लोगों की प्रतिक्रियाओं का सार यही था कि करियर गैप के बाद मिलने वाली पहली नौकरी ही अंतिम मंजिल नहीं होगी. वह सिर्फ करियर में दोबारा वापसी की शुरुआत हो सकती है.
आजतक एजुकेशन डेस्क